जबरन ऑटो में बैठाया और जान से मारने की धमकी देकर करवाई घर की रजिस्ट्री, रजिस्ट्री रद्द करवाने एवं घर वापस दिलवाने दलित परिवार ने एसपी, कलेक्टर से लगाई गुहार

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बैतूल।
 एक मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति को जान से मारने की धमकी देकर और जबरन ऑटो से रजिस्टार ऑफिस ले जाकर जमीन एवं मकान की रजिस्ट्री करवाने का मामला सामने आया है। धोखाधड़ी से रजिस्ट्री करवाने का मामला जब परिवार के अन्य सदस्यों को पता चला तो उन्होंने कलेक्टर, एसपी एवं रजिस्टार, एसडीएम और तहसीलदार को आवेदन देकर रजिस्ट्री रद्द करवाने एवं मामले में अनावेदकगणों पर दण्डात्मक कार्रवाई करने की की मांग की है।


कलेक्टर एवं एसपी को दिए आवेदन में फरियादी गुलाबराव कापसे ने बताया कि नान्हूराम मेरा बड़ा भाई है। बड़े भाई नान्हूराम के नाम पर खसरा नं. 35/4, रकबा 0.009 हे. भ्ूामि मौजा बदनूरढाना, पटेल वार्ड सदर में स्थित है। जिस पर मैं और मेरा परिवार 40 वर्षों से टीन शेड का मकान बनाकर रहते हैं। गुलाबराव ने बताया कि बड़े भाई नन्हेलाल कापसे की पिछले कई वर्षों से मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। वह अपना अच्छा-बुरा सोचने में पूर्णत: असक्षम है, जिसका प्रमाण पत्र भी जिला मेडिकल बोर्ड, जिला चिकित्सालय बैतूल ने जारी किया है। वहीं मानसिक विकलांगता की पेंशन भी नान्ेलाल को नगरपालिका से मिलती है। नन्हेलाल कापसे ने छोटे भाई गुलाबराव को बताया कि 5 नवंबर 2019 को जब बड़ा भाई नन्हेलाल कापासे इलाज करवाने पैदल जिला अस्पताल बैतूल जा रहा था, तब रास्ते में नेहरू पार्क के पास आरोपीगण महादेव साहू, रीना साहू, संतोष साहू एवं गुंताबाई सरनेकर ऑटो से आए एवं मेरे भाई नन्हेलाल कापसे से मारपीट कर व जान से मारने की धमकी देकर, गंदी गालियां दी और रीना साहू एवं गुंताबाई सरनेकर निवासी सदर ने उसे जबरदस्ती ऑटो में खींचकर बैठा लिया। इसके बाद वे नान्हूराम को रजिस्टार कार्यालय ले गए एवं कहा कि जहां अंगूठा लगाने की कहेंगे वहां लगा देना नहीं तो जान से मार देंगे। इसके अलावा फरियादी का आधार कार्ड एवं अन्य दस्तावेज भी ले लिए एवं जमीन के विक्रय पत्र पर डरा धमककार अंगूठा लगवा लिया एवं मेरे भाई की जमीन की अवैध रजिस्ट्री बिना कोई राशि भुगतान किए करवा ली। आरोपियों ने इस मामले की किसी को जानकारी देने पर नान्हूराम को जान से मारने की धमकी भी दी। फरियादी गुलाबराव ने बताया कि मानसिक रूप से बीमार उनके बड़े भाई की ज्यादा तबियत बिगडऩे पर उसे अस्पताल में भर्ती करवाया है। अस्पताल में ही 11 दिसंबर को यह बात नान्हूराम ने सभी परिजनों को बताई। जिसके बाद गुलाबराव एवं परिजनों ने कलेक्टर, एसपी, रजिस्टार, एसडीएम एवं तहसीलदार आवेदन देकर रजिस्ट्री रद्द करने व आरोपियों पर दण्डात्मक कार्रवाई करते हुए आरोपियों से जमीन एवं मकान वापस दिलवाए जाने की मांग की है।

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