मप्र के अधिकतर जिले बारिश से तरबतर, आज भी तेज बौछारें पड़ने के आसार

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मनोहर
भोपाल – जुलाई का पहला पखवाड़ा सूखा गुजरने के बाद मप्र में मानसून की सक्रियता एक बार फिर बढ़ गई है। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के अलावा देश मैं अलग-अलग स्थानों पर चार अन्य वेदर सिस्टम सक्रिय हैं। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक इन सिस्टम के प्रभाव से पर्याप्त नमी मिल रही है, जिसके चलते प्रदेश के अधिकांश जिलों में रुक-रुक कर बरसात का दौर जारी है। राजधानी भोपाल में गुरुवार को रुक-रुककर बारिश होती रही। शुक्रवार सुबह तेज बारिश ने पूरे शहर को तरबतर कर दिया।
इसी क्रम में शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले चौबीस घंटों के दौरान पचमढ़ी में 63.0, भोपाल में 58.6, छिंदवाड़ा में 57.4, शाजापुर में 57.0, नरसिंहपुर में 56.0, बैतूल में 53.2, होशंगाबाद में 47.4, खंडवा में 42.0, दमोह में 35.0, खजुराहो में 33.2, जबलपुर में 24.6, सीधी में 14.6, उमरिया में 14.4, मंडला में 14.0, ग्वालियर में 13.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है। आज और कल सागर, रीवा, जबलपुर, शहडोल, भोपाल, होशंगाबाद, उज्जैन, इंदौर, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के जिलों में अधिकांश स्थानों पर बारिश होने के आसार हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक गुरुवार को राजधानी का अधिकतम तापमान 29.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जो सामान्य रहा। साथ ही बुधवार के अधिकतम तापमान (30.8 डिग्री से.) की तुलना में 1.3 डिग्री से. कम रहा। गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात को पारा दो डिग्री लुढ़कर करीब 23.2 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। मानसून ट्रफ फिरोजपुर, रोहतक, अलीगढ़, रांची, बालासोर से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक बना हुआ है। दक्षिणी गुजरात तट से उत्तरी केरल तक एक अपतटीय ट्रफ बना हुआ है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तरी पाकिस्तान पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बने हुए हैं। इस वजह से बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नमी के कारण प्रदेश के अधिकांश जिलों में बरसात हो रही है।