कमला कॉलेज गृह विज्ञान विभाग द्वारा वेस्ट आऊट ऑफ बेस्ट पर एक दिवसीय ऑन कार्यशाला एवं प्रदर्शनी का आयोजन

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हेमंत वर्मा 
राजनांदगांव। शासकीय कमला देवी राठी स्नानकोत्तर महिला महाविद्यालय राजनांदगांव में गृह विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष एवं कार्यशाला एवं प्रदर्शनी की संयोजिक श्रीमती ममता आर. देव वेस्ट आऊट ऑफ बेस्ट पर एक दिवसीय ऑन लाईन कार्यशाला एवं प्रदर्शनी का आयोजन 21 जुलाई को किया गया। महाविद्यालय की प्राचार्या एवं प्रेरणास्त्रोत डा. श्रीमती सुमन बघेल के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यशाला में उन्होंने बताया कि किस तरह अनुपयोगी वस्तुओं से उपयोगी वस्तुओं का निर्माण किया जा सकता है, इसकी जानकारी प्रदान की एवं उन्होंने पर्यावरण के संरक्षण हेतु प्लॉस्टिक तथा प्लॉस्टिक से बनी वस्तुओं का उपयोग न करने पर विशेष जोर दिया।
कार्यशाला एवं प्रदर्शनी की मुख्य प्रशिक्षका डा. श्रीमती अल्पना देशपांडे सहायक प्राध्यापक एवं एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डा. खूबचंद बघेल शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय भिलाई-3 दुर्ग (छ.ग.) की एवं अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय रिकार्ड एवं अवार्ड संख्या 160 से सम्मानित है। इन्होंने किस तरह से इको ब्रिक का निर्माण किया जाना है, करके सिखाया तथा इनके उपयोग के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। साथ ही साथ इन्होंने विभिन्न प्रकार की अनुपयोगी पदार्थों से गेंहू एवं धान के नीचे भाग से कलाकृति का निर्माण, न्यूज पेपर से हैंडमेट सीट एवं वालपेपर, पेपर बैग, गन्ने से फाईल कव्हर, इको फ्रेंडली हस्तनिर्मित राखियां बनाना, छत्तीसगढ़ संस्कृति धान, चावल, गोबर, गेरू, बांस आदि से निर्मित वेस्ट मटेरियल से हस्तनिर्मित ग्रीटिंग कार्ड्स का निर्माण करना, पेपर व बांस से पेन बनाना, पुरानी सीडी से दीये बनाना, रंगोली एवं स्वागत हेतु तोरण बनाना, सुतली एवं रस्सी से पुरानी कांच की बोतल की सज्जा करना, फ्लावर पॉट बनाना, ज्वेलेरी व ज्वेलरी बॉक्स बनाना, इको ब्रिक बनाना, उससे इनोवेटिव गमले व गॉर्डन टेबल का निर्माण करना, मक्के के आटे से लमासा कलाकृति के निर्माण का प्रशिक्षण एवं प्रदर्शनी ऑन लाईन प्रदर्शन किया गया, जो कि वाकई काबिले तारीफ थी। जिसे प्राचार्या द्वारा भी सराहा गया।
इस कार्यशाला एवं प्रदर्शनी की सह संयोजक एवं सहायक प्राध्यापक गृह विज्ञान की कु. रेनू त्रिपाठी द्वारा सफल संचालन किया गया। जिससे उन्होंने वेस्ट ऑऊट ऑफ बेस्ट को एक ग्लोबल टेन्ड बताया तथा किसी भी अनुपयोगी पदार्थ को अनुपयोगी न मानने और उसका अधिकतम उपयेाग करने के लिए प्रोत्साहित किया। इस कार्यशाला एवं प्रदर्शनी में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, सभी संकाय की छात्राएं उपस्थित रही। कार्यशाला के अंत में छात्राओं के प्रश्नों तथा जिज्ञासाओं का प्रशिक्षिका द्वारा उत्तर दिया गया।
धन्यवाद ज्ञापन गृह विज्ञान की विभागाध्यक्ष एवं संयोजक श्रीमती ममता आर. देव द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया। उन्होंने बताया किस तरह से घर पर या आसपास पायी जाने वाली वस्तुओं पदार्थों आदि से उपयोगी चीजों का निर्माण कर स्वरोजगार उत्पन्न किया जा सकता है तथा विशेष धन्यवाद ऑन लाईन में संलग्न तकनीकी सहायक गोविंद कुमार को तकनीकी सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया गया।
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