जांच में डॉक्टर ‘अयोग्य’ फिर भी धड़ल्ले से चल रही है मंडल की क्लीनिक -अधकचरा ज्ञान व फर्जी डिग्री के सहारे वर्षों से संचालित है क्लीनिक

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हेमत वर्मा 
राजनांदगांव. -सेहत सुधारने के नाम पर लोगों की जान से खिलवाड़ करने का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें डॉक्टर के पास डिग्री तो है ही नहीं, कोई लाइसेंस भी नहीं है और तब भी क्लीनिक धड़ल्ले से चलाई जा रही है। इसकी भनक लगने पर स्थानीय लोगों ने क्लीनिक और वहां के डॉक्टर के खिलाफ भौंहें तानकर मोर्चा खोला और शुरुआती जांच में डॉक्टर की कार्यकुशलता औसतन अयोग्य भी पाई गई लेकिन न जाने क्यों, क्लीनिक या डॉक्टर पर आगे की कार्रवाई करने के बजाय इस पूरे मामले को ही ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।

डोंगरगांव क्षेत्र में डॉ.रतन कुमार मंडल का नाम अधकचरा ज्ञान के सहारे क्लीनिक चलाने वाले विवादित डॉक्टरों की श्रेणी में सबसे अव्वल नंबर पर है। आरोप है कि, डॉ. रतन कुमार मंडल का क्लीनिक फर्जीवाड़े की ही बुनियाद पर टिकी है क्योंकि डॉक्टर के पास न कोई अधिकृत डिग्री है और न ही क्लीनिक का लाइसेंस है। इसके बावजूद लोगों की सेहत और जान से खिलवाड़ के सारे साजो-सामान के साथ बेखौफ होकर क्लीनिक चलाया जा रहा है। वर्षों से संचालित इस क्लीनिक के संचालन से संबंधित फर्जीवाड़े की भनक लगने पर स्थानीय लोगों के साथ डोंगरगांव स्थित विजय मेडिकल स्टोर्स के संचालक हरिशंकर शाह ने राजनांदगांव कलेक्टर व डोंगरगांव बीएमओ से डॉ. रतन कुमार मंडल की लिखित शिकायत की थी। शिकायत में यह भी कहा गया था कि इस क्लीनिक में प्रैक्टिस करने वाले डॉ. रतन कुमार मंडल की डिग्री की तत्काल जांच की जाए। इस तरह डॉ. रतन कुमार मंडल की डिग्री व उनकी प्रैक्टिस पर शंका जताते हुए जांच की मांग करते हुए आवेदन प्रस्तुत किया गया था।इस पर संज्ञान लेते हुए प्रारंभिक जांच करने पर पता लगा था कि डॉ. रतन कुमार मंडल के पास उपलब्ध डिग्री छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल के तहत अधिकृत नहीं है। डॉ. रतन कुमार मंडल छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल के मापदंड को पूरा नहीं करते और ऐसी दशा में वह प्रैक्टिस करने के योग्य नहीं हैं। लेकिन चिंता का विषय है कि, डॉ. रतन कुमार मंडल द्वारा क्लिनिक का संचालन अभी भी किया जा रहा है। लोगों को भ्रम में रखकर इलाज किया जा रहा है। वहीं हैरत की बात है कि, इस क्लीनिक या यहां के डॉ. रतन कुमार पर कार्रवाई करने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कोई रुचि नहीं दिखा रहे हैं।

सील होने के बाद भी चलने लगा है क्लीनिक
शिकायतकर्ता ने आवेदन के माध्यम से बताया है कि फर्जीवाड़ा के इस मामले में डॉ. मंडल पर पहले भी कार्रवाई हो चुकी है। उनका क्लीनिक भी सील किया गया था परंतु नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए क्लीनिक को फिर से संचालित किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रहे हैं जबकि सील होने के बाद उन्हें क्लीनिक संचालित करने की परमिशन ही नहीं मिली थी।

स्वास्थ्य विभाग का जवाब- पुलिस के पास है मामला…
इस संबंध में डॉ.अशोक बसोड़ ने बताया, जांच में पाया गया कि रतन कुमार मंडल की डिग्री सही नहीं है। इसके बाद जांच प्रतिवेदन बनाकर थाना प्रभारी को सौंप दिया गया है, आगे की कार्रवाई पुलिस विभाग की जिम्मेदारी है।

कार्रवाई होगीः पिस्दा
इस पूरे मामले में एसडीएम डोंगरगांव हितेश पिस्दा ने बताया, जांच प्रतिवेदन मेरे पास आया है, जिसमें डॉ.रतन कुमार मंडल के पास ऐसी कोई डिग्री नहीं है जिससे कि वे मरीजों का इलाज कर सकें और क्लीनिक चला सके। इस मामले में गंभीरता से जांच पश्चात यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।