जुमला साबित हो रहा भूपेश बघेल की नरवा,गरूवा,घुरूवा,बारी, रोका-छेका योजना- राजेश गुप्ता अग्रहरि

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हेमंत वर्मा 
राजनांदगाँव/ भाजपा आर्थिक प्रकोष्ठ एवं व्यापारी प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रतिनिधि युवा नेता राजेश गुप्ता अग्रहरि ने प्रदेश की भूपेश बघेल सरकार द्वारा चलाई जा रही योजना नरवा, गरूवा, घुरूवा, बारी व रोका-छेका को पूरी तरह फलाप व जुमलाई योजना बताते हुए कहा कि कृषि कार्यो से संबंधित उक्त योजनाएं सही तरह से क्रियान्वयन नहीं होने से अराजकता व लापरवाही की भेंट चढ़ गया । न जाने किस मानसिकता को लेकर प्रदेश की सत्ता में बैठी कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में पानी ठीक से बरस ही नही रहा है, इसके चलते नरवा ही क्या तरिया – ठोडगी जलाशय एनीकट सभी रीते पड़े है । गरूवा के लिए ठीक तरह गौठान तक नहीं बन पाया है । जिसके चलते मवेशी सडक़ों पर नजर आते हैं जिससे सड़क़ दुर्घटनाएं बढ़ रही है । शासन ने पशु पालको को गोबर खरीदी केन्द्र का सब्ज बाग दिखाया । सरकार के लगभग सभी गोबर खरीदी केन्द्र बंद पड़े है । पशुपालक गोबर को नालियों में बहा रहे है । सड़क़ो मे फेंक रहे है । शहर क्षेत्र की सड़क़े मवेशियों के मल-मूत्र से पटे नजर आते है । इससे गऊ माता व पशुपालक भूपेश बघेल सरकार की जमीन पर नहीं उतर पाने वाली योजना को कोस रहे है और उनके मुंह से सरकार के प्रति हाय निकल रहा है ।
श्री अग्रहरि ने प्रेस को आगे बताते हुए कहा कि भूपेश बघेल सरकार जितनी योजनाएं बना रही है उक्त योजनाओं का बंटाधार हो रहा है । ऐसी योजनाएं जो न तो अधिकारियो की समझ मेेंं आ रही है और न कर्मचारियों के। सिर्फ लोक लुभावनी योजनाओ का भार उनके ऊपर लाद दिया जा रहा है जिसे वे बेमन से करने मजबूर है । यही वजह है कि योजनाओं का जमीन पर क्रियान्वयन नहीं होते दिख रहा है और योजनाएं फलाप होती जा रही है । रोका-छेका की हालत गांव गली व शहर की सडक़ों में मवेेशियों का जमावाड़ा को देखकर अन्दाजा लगाया जा सकता है । भूपेश बघेल केवल अपने लोगो को तथा अपने चाटूकार लोगो को बड़े-बड़े शासकीय पद व विभिन्न निगम व आयोगो में बिठाकर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का प्रयास कर रहे है उसे प्रदेश की असंतुष्ट जनता अच्छी तरह देख व समझ रही है ।