भोपाल, सागर, रीवा और जबलपुर में पड़ सकती हैं तेज बौछारें

Scn news india
मनोहर
अलग-अलग स्थानों पर बने वेदर सिस्टम से राजधानी सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। बादल छाए रहने से अधिकतम तापमान में भी गिरावट आने लगी है। इससे गर्मी से भी लोगों को राहत मिल गई। धान के रोपे लगाने के लिए तैयार बैठे किसानों की भी चिंता कुछ कम हुई है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में 23 जुलाई को एक कम दबाव का क्षेत्र बनने जा रहा है। इससे दो दिन बाद एक अन्य कम दबाव का क्षेत्र भी बंगाल की खाड़ी में बनने के संकेत मिले हैं। इससे 25 जुलाई से शुरू होने जा रहे सावन माह की शुरुआत में झमाझम बरसात होने के आसार हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान मंगलवार सुबह साढ़े आठ बजे तक ग्वालियर में 53.8, नौगांव में 49, खंडवा में 45, धार, पचमढ़ी में 36, बैतूल में 35, रीवा में 30, रतलाम में 21, टीकमगढू में 20, दतिया में 17, भोपाल शहर में 16.2, सतना में 16.2, इंदौर में 13.6, सागर में 13.2, खरगोन में 10.2, खजुराहो में 7.2, होशंगाबाद में 7, गुना में 6.8 मिलीमीटर बरसात हुई। पूरे प्रदेश में रुक-रुककर बौछारें पड़ रही हैं। वर्तमान में गुजरात के दक्षिणी भाग में हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। इसी तरह पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर भी हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। इससे अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आद्रता आने का सिलसिला शुरू हो गया है। मानसून ट्रफ का एक छोर बंगाल की खाड़ी में पहुंच गया है। इससे बरसात का दौर रुक-रुक कर जारी है। मंगलवार-बुधवार को भोपाल, सागर, रीवा, जबलपुर, ग्वालियर, चंबल संभाग के जिलों में तेज बौछारें पड़ने की संभावना है। उधर 23 जुलाई को बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने जा रहा है। इसके दो दिन बाद एक अन्य वेदर सिस्टम भी बंगाल की खाड़ी में बनने के संकेत मिले हैं। इससे जुलाई के अंतिम सप्ताह झमाझम बारिश होने का अनुमान है।