रिश्वतखोर राजस्व निरीक्षक को 4 साल की सजा विशेष न्यायालय ने 20 हजार रुपये का लगाया अर्थदंड

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संवाददाता सुनील यादव कटनी

कटनी । विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कटनी ने अभियुक्त राजकुमार खरे राजस्व निरीक्षक को भ्रष्टा‍चार निवारण अधिनियम की धारा 7 तथा धारा 13(1) डी, 13 (2) के तहत दोषसिद्ध पाते हुए 4 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 20 हजार रूपये के अर्थदण्ड की सजा सुनाई है ।

मामलें में विशेष लोक अभियोजक लोकायुक्त अभिषेक मेहरोत्रा ने शासन की ओर से पैरवी की तथा लिखित एवं मौखिक तर्क प्रस्तुत किए।
मामला यह है कि 22 जनवरी 2015 को शिकायतकर्ता सुशील जैन निवासी सावरकर वार्ड नई बस्ती जिला कटनी ने पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त जबलपुर के समक्ष उपस्थित होकर लिखित शिकायत प्रस्तुत की थी कि वह अपना स्वयं का एवं माता जी के नाम से ईंट का उद्योग प्रारंभ करना चाहता है इसलिए उसने अपने माताजी शीलाबाई जैन के नाम की ग्राम खडौली में स्थित भूमि का डायवर्सन कराने के लिए आवेदन डायवर्सन शाखा में प्रस्तुत किया था, तत्‍संबंध में आरोपी द्वारा उससे डायवर्सन कराने के बदले 8000 रूपये की रिश्वत की मॉंग की गई है, वह आरोपी को रिश्वत नहीं देना चाहता था, बल्कि उसे रंगे हाथों पकडवाना चाहता था।
शिकायतकर्ता की उक्त लिखित शिकायत पर पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त के निर्देशानुसार आवश्यक कार्यवाही करते हुए लोकायुक्त ट्रेप दल के निरीक्षक राजीव गुप्ता द्वारा ट्रेप का आयोजन किया गया एवं दिनांक 23 जनवरी 2015 को आरोपी राजकुमार खरे राजस्व निरीक्षक डायवर्सन शाखा कटनी को 8000 रूपये की रिश्वत लेते डायवर्सन शाखा कटनी से गिरफ्तार किया गया था, उक्त मामले में विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त द्वारा मामले की संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियोग पत्र माननीय विशेष न्यायालय कटनी के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
विचारण पश्चात आरोपी राजकुमार खरे (राजस्व निरीक्षक डायवर्जन शाखा कटनी) को प्रार्थी सुशील जैन से रिश्वत की मॉंग करने एवं 8000 रूपये की रिश्वत लेने का दोषी मानते हुए माननीय विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कटनी द्वारा आज दोषसिद्ध किया गया है।