बिन मौसम बरसें बदरा, किसानों की टूटी कमर , लापरवाही के चलते किसानों की हजारों कुंटल धान हुई गीली, किसानों ने लगाई प्रशासन से गुहार

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विकास सेन पन्ना

भले ही मत प्रदेश सरकार किसानों की कर्ज माफी को लेकर काफी प्रयास में लगी हुई है और किसानों की धान खरीदारी में भी जोड़ दे रही है लेकिन प्रदेश सरकार की सारी योजनाओं में पन्ना जिले में बनी धान खरीदी समितियां सारी योजनाओं में पानी फेर रही है ।

पन्ना जिले के देवेंद्र नगर तहसील के अंतर्गत राजापुर गांव में महावीर वेयरहाउस में प्राथमिक कृषि सहकारी समिति द्वारा किसानों की धान खरीदी जा रही थी लेकिन खुले में रखे होने के कारण धान पानी बरसने से गीली हो गई किसानों का कहना है कि हम लोग यहां 1 तारीख को धान लेकर आए हुए थे लेकिन समिति प्रबंधक के द्वारा धान में नमी बताकर धान को खुले मैदान में फैलाव दिया गया और आज बिन मौसम बरसात में हम लोगों की पूरी धान गीली हो गई अब प्रबंधन भी खरीदने से आनाकानी कर रहा है अगर प्रबंधन एक या 2 तारीख को ही हमारी खरीदारी कर लेता तो आज हमारी धान गीली नहीं होती।

वहीं कुछ किसानों का कहना है कि सहकारी समिति की लापरवाही के चलते हम लोगों की धान गीली हो गई जब बारिश हुई तो समिति की तरफ से ना तो हमें ध्यान रखने के लिए पानी उपलब्ध कराई गई नाही उसे सुरक्षित जगह रखने के लिए जगह दी गई अगर धान खरीदी समय पर समिति द्वारा हो जाती तो आज हमारी धान गीली नहीं होती और हमें यह दिन देखने को नहीं मिलते।

वही मौके पर पहुंची देवी नगर तहसीलदार का कहना है कि हमारी समिति प्रबंधक से बात हुई है तो जो अभी सूखी फसल रहेगी किसानों की वह अभी कॉल करवा कर खरीद ली जाएगी और जो गीली है उसको दो चार दिन बाद सूखने के बाद खरीद लिया जाएगा।

आखिरकार मध्यप्रदेश में धान खरीदी 2 दिसंबर से चालू होनी थी लेकिन आज 17 दिन से ज्यादा हो चुके हैं और किसानों की पन्ना में धान नहीं खरीदी गई आखिर क्या वजह है के यहां के प्रशासन ने इन किसानों की तरफ ध्यान नहीं दिया आखिर क्या वजह है की धान सूखने के बाद उनकी सही निकलेगी और समिति प्रबंधक खरीदेगा लेकिन यहां का प्रशासन समिति की तरफ आकर्षित दिख रहा है।

 

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