बिग ब्रेकिंग – आमला -भानु को पिस्टल बेचने वाला पकड़ाया

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दिलीप पाल तहसील ब्यूरों आमला 

बैतूल जिले की आबोहवा में सनसनी फ़ैलाने वाली सिरफिरे आशिक की गोलीकांड वारदात में आमला पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है जिसमे पुलिस ने भानु ठाकुर द्वारा खरीदी पिस्टल का महत्वपूर्ण सुराग का पता लगा लिया है। बता दे की पुलिस ने हथियार बेचने वाले शख्स को हैदराबाद से गिरफ्तार कर लिया है।

मृतक हमलावर भानु ठाकुर की  सीडीआर और पूछताछ में  तथ्य सामने आए थे कि आरोपी मृतक भानु प्रताप द्वारा दो पिस्टल खरीदी गई थी रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने  हैदराबाद हाईवे पर ढाबा संचालक रणबीर राठौर  के ढाबे पर दबिश दी और उसे धरदबोचा जिसमे रणबीर राठौर ने पिस्टल बेचना स्वीकार किया है।

आरोपी मृतक भानु ठाकुर  ट्रक ड्राइवर था जिसका आना जाना  हैदराबाद तरफ होता रहता था एवं ट्रक ड्राइवर होने के कारण लंबी दूरी पर चलने के चलते ढाबे पर खाना खाने के लिए इसका उठना बैठना रहता था ,इसी दौरान इसकी  पहचान रणवीर राठौर पिता राम रतन सिंह राठौर उम्र 40 वर्ष से हुई और आरोपी मृतक भानु ठाकुर  ने रणबीर से दो पिस्टल प्रत्येक  ₹15000  में खरीदी।  परंतु रणबीर को पता नहीं था कि यह पिस्टल भानु क्यों ले रहा है और रणवीर ने भानु से यह पूछना भी जरूरी नहीं समझा। रणबीर इस तरह से सामान भेजता रहता था।

एसडीओपी नम्रता सोंधिया ने बताया कि गोलीकांड का आरोपी भानु ठाकुर ने जो पिस्टल का इस्तेमाल गोलीकांड में किया था वो पिस्टल हैदराबाद निवासी रणवीर राठौर से खरीदी थी रणवीर राठौर हैदराबाद में ढाबा चलता था भानु  हैदराबाद आता जाता था क्योंकि भानु ट्रक डाइवर था इस लिए उसका रणवीर के ढाबे ओर आना जाना था भानु ने रणवीर को नही बताया था कि वो पिस्टल का इस्तेमाल किसके लिए करेगा भानु ने रणवीर को बताया था कि वो ट्रक चलता है और उसको उसकी सुरक्षा के लिए पिस्टल चाहिए इस लिए रणवीर ने उनको 15 हजार में पिस्टल बेची थी।

गौरतलब है कि वर्ष 2010 में  भी रणबीर के खिलाफ थाना इटारसी में मामला पंजीबद्ध हुआ था, जिसमें पुलिस ने पिस्टल बरामद की थी। वही बैतूल में भी 2012 में एक 302 के मामले में  रणबीर फरार  था। पुलिस की पूछताछ जारी है जिसमे और भी कई खुलासे हो सकते है।