भोपाल, होशंगाबाद, उज्जैन और इंदौर संभाग में गरज-चमक के साथ पड़ सकती हैं बौछारें

Scn news india
मनोहर
भोपाल-जुलाई माह आधा बीतने को है, लेकिन लगातार झमाझम बारिश देखने के लिए लोग तरस गए हैं। वातावरण में नमी कम होने से आसमान साफ होने लगा है। इस वजह से लोग भीषण गर्मी और उमस से हलकान हो रहे हैं। शहर में लोगों न तो दिन में चैन मिल रहा है, ना ही रात को सुकून। दरअसल दिन और रात का तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है। हालांकि वर्तमान में मानसून द्रोणिका लाइन (ट्रफ) मध्यप्रदेश के गुना जिले से होकर गुजर रही है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक इस सिस्टम के प्रभाव से गुरुवार को भोपाल, होशंगाबाद, उज्जैन और इंदौर संभाग में गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने के आसार हैं।
मानसून की बेरुखी अब अखरने लगी है। जून माह में मानसून के आने के बाद रुक-रुक कर पड़ीं बौछारों ने जून माह के तय कोटे की बारिश में दो गुना से अधिक का इजाफा कर दिया था। उम्मीद थी कि जुलाई में झमाझम का नजारा देखने को मिलेगा, लेकिन तेज बौछारों के एक दो दौर के बाद बरसात थम गई। बारिश नहीं होने के कारण किसान भी हताश होने लगे हैं। विशेषकर बोवनी कर चुके किसानों की फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई है। राजधानी में 14 जुलाई की सुबह तक इस सीजन की अभी तक कुल 317.6 मिलीमीटर बरसात हुई है। जो सामान्य (255.3 मिलीमीटर) से 24 फीसद अधिक है। उधर बुधवार को राजधानी का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। साथ ही मंगलवार के अधिकतम तापमान (34.5 डिग्री) की तुलना में 0.5 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा।
प्रभावी वेदर सिस्टम नहीं बने
मौसम विज्ञान केंद्र ने बताया कि अभी तक बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में कोई प्रभावी वेदर सिस्टम नहीं बने हैं। इससे राजधानी और आसपास के इलाकों में अपेक्षित बरसात नहीं हुई। वर्तमान में मानसून ट्रफ सौराष्ट्र पर बने कम दबाव के क्षेत्र से उदयपुर, गुना, गोंदिया, जगदलपुर से होकर बंगाल की खाड़ी तक बना हुआ है। साथ ही अरब सागर से नमी मिलने का सिलसिला बना हुआ है। इससे भोपाल के अलावा, होशंगाबाद, उज्जैन, इंदौर संभाग में गुरुवार को बारिश होने की संभावना है। साथ ही 17 जुलाई से बरसात की गतिविधियों में तेजी आने की भी संभावना है।