किसानों की खून पसीने की उगाई हुई हजारों क्विंटल धान खराब होने की कग़ार पर

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संवाददाता सुनील यादव कटनी

कटनी के किसानों की खून पसीने की उगाई हुई धान को अब प्रशासन अब संभाल कर रख रहा है एक साल से किसानों की खरीदी हुई धान को अब ओपन कैब में सुरक्षित किया जा रहा है जिले में ओपन कैब में 1 लाख 65 हजार मैट्रिक टन धान रखी हुई है जबकि सुर्खियों में रहे मझगवां ओपन कैब में सत्ताईस हजार 935 क्विंटल धान अभी रखी हुई है जिसमे बारिश में हजारों क्विंटल धान खराब हो गई है अब बारिश का मौसम चल रहा है अब ये ही धान राइस मिलर्स को दी जाएगी ओर राइस मिलर्स मजबूरी में ये धान को लेंगे

मझगवां ओपन कैब में धान की देखभाल और सुरक्षा कर रहे नूर अहमद खान ने बताया कि ये धान पिछले साल की रखी हुई है ओर बारिश आने वाली है जिसको सुरक्षित रखने का कार्य किया जा रहा है जिस से बारिश में नुकसान ना हो।

वही राइस मिलर्स का कहना है कि शासन से उन्हें ये पुरानी धान ही मिलेगी जो कि साल भर पुरानी है और वो बारिश में भीग भी चुकी है उसके बाद उसको ढक कर रखने का कोई मतलब नही है क्यों कि उस से वो अच्छा चावल नही निकलता है
शासन की तरफ से ही लेट लतीफी हुई है टाइम पर ये धान मिलर्स को मिल जाती तो अच्छा होता

ईश्वर रोहरा राइस मिलर्स

एम पी स्टेट सप्लाईज कारपोरेशन लिमिटेड के जिला अधिकारी मधुर खुर्द ने बताया कि
जिले में जितने भी ओपन कैब बने हुए है उसे ढकने की तैयारी की जा रही है
वही इस बात को भी माना है कि मिलर्स को धान देने में देरी हुई है ओर बारिश में धान भी खराब हुई है जिसके चलते काफी स्टॉक में अभी तक धान ओपन कैब में रखी हुई है
जिसे जल्द से जल्द मिलर्स ओर एफ सी आई को दी जाएगी