प्रभारी मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने योजनाओं की प्रगति की मैराथन समीक्षा की

Scn news india

अलकेश साहू

  • कोविड की संभावित तीसरी लहर से निपटने के पुख्ता प्रबंध हों
    योजनाओं के क्रियान्वयन में जिले का बेहतर हो प्रदर्शन
    निर्माण कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
    प्रभारी मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने योजनाओं की प्रगति की मैराथन समीक्षा की
    यूरिया की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने, अवैध शराब पर रोक लगाने के निर्देश

 

बैतूल-जिले के प्रभारी एवं प्रदेश के स्कूल शिक्षा( स्वतंत्र प्रभार) एवं सामान्य प्रशासन राज्यमंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने मंगलवार को आयोजित जिला योजना समिति की बैठक में जिले में संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति की मैराथन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि कोविड की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए जिले में पुख्ता प्रबंध रहें। सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में जिले का बेहतर प्रदर्शन हो, साथ ही पात्रों को समय पर लाभ मिले। शासकीय निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। गुणवत्ता में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों के हित में यूरिया की पर्याप्त आपूर्ति का प्रबंध हो, साथ ही जिले में अवैध शराब विक्रय एवं निर्माण पर सख्ती से रोक लगाई जाए। प्रभारी मंत्री ने कहा कि बिजली के बिलों संबंधी शिकायतों का विद्युत विभाग द्वारा यथोचित निराकरण किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की कोई परेशानी न हो। बैठक में सांसद श्री डीडी उइके, प्रधान जिला पंचायत श्री सूरजलाल जावलकर, विधायक आमला डॉ. योगेश पंडाग्रे, विधायक मुलताई श्री सुखदेव पांसे, विधायक भैंसदेही श्री धरमूसिंह सिरसाम, विधायक घोड़ाडोंगरी श्री ब्रह्मा भलावी, कलेक्टर श्री अमनबीर सिंह बैंस, पुलिस अधीक्षक सुश्री सिमाला प्रसाद सहित समिति के सदस्य एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
बैठक में प्रभारी मंत्री श्री परमार ने जिले में अतिवृष्टि अथवा बाढ़ की स्थिति में राहत व्यवस्थाओं की चर्चा करते हुए कहा कि प्रशासन, पुलिस एवं होमगार्ड द्वारा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए समुचित प्रबंध रखे जाएं। समस्त आपात उपकरण दुरुस्त रहें एवं राहत अमला चौकस रहे। इस दौरान उन्होंने अन्य राहत व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की।
मुख्यमंत्री कोविड-19 योजनाओं की समीक्षा के दौरान प्रभारी मंत्री को बताया गया कि जिले में मुख्यमंत्री कोविड-19 अनुकंपा नियुक्ति योजनांतर्गत 57 प्रकरणों में संबंधित कर्मचारियों के परिजनों को नियुक्ति देने की कार्रवाई प्रचलन में है। इसी तरह मुख्यमंत्री कोविड-19 विशेष अनुग्रह योजनांतर्गत प्राप्त 6 प्रकरणों में से तीन स्वीकृत किए जा चुके हैं, तीन प्रकरणों में नियमानुसार कार्रवाई प्रचलन में है। मुख्यमंत्री कोविड-19 योद्धा कल्याण योजनांतर्गत पांच प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है। इसी तरह मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजनांतर्गत 15 प्रकरण निराकृत कर संबंधितों को योजना से सहायता देना प्रारंभ कर दी गई है।
प्रभारी मंत्री ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली की समीक्षा करते हुए कहा कि जिले में राशन वितरण व्यवस्था सुचारू रहे, इससे संबंधित शिकायतों अथवा समस्याओं का गंभीरता से निराकरण किया जाए। सरकार शीघ्र ही पैकिंग में राशन वितरण की व्यवस्था प्रारंभ कर रही है। मनरेगा की समीक्षा के दौरान प्रभारी मंत्री ने जिले में रोजगार की उपलब्धता की गहन समीक्षा की। सामाजिक सहायता योजनाओं की समीक्षा में उन्होंने कहा कि कोई भी हितग्राही सामाजिक सहायता योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। इन योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाए, ताकि पात्र व्यक्तियों तक इनका लाभ पहुंच सके। स्वरोजगार एवं युवाओं के उत्थान की दिशा में जिले में विशेष प्रयास किए जाने पर प्रभारी मंत्री ने जोर दिया। उन्होंने जिले में रोजगार मेला, आरसेटी प्रशिक्षण एवं अन्य योजनाओं के माध्यम से अभी तक उपलब्ध कराए गए स्वरोजगार की विस्तार से जानकारी ली। बैठक में बताया गया कि इस वित्तीय वर्ष में रोजगार मेला, आरसेटी प्रशिक्षण एवं नियोजन से संबंधित तैयार की गई कार्य योजना के तहत कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ग्रामीण पथकर विक्रेता योजनांतर्गत 3555 प्रकरण स्वीकृत किए जाकर 3186 प्रकरणों में ऋण वितरण किया गया है। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के माध्यम से भी स्वरोजगार हेतु ऋण उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जा रही है।
प्रभारी मंत्री ने कोविड वैक्सीनेशन अभियान की समीक्षा करते हुए कहा कि शीघ्र ही जिले में पर्याप्त वैक्सीन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि सभी के प्रयास हों कि कोई भी व्यक्ति वैक्सीनेशन से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने के भी जिले में बेहतर प्रबंध रहें, ताकि अचानक संक्रमण की स्थिति परिलक्षित होने पर समुचित स्वास्थ्य सुविधाएं लोगों को उपलब्ध कराई जा सके। जिले में ऑक्सीजन की उपलब्धता के भी पर्याप्त प्रबंध रहें। इस दौरान कोविड की दूसरी लहर में कलेक्टर श्री अमनबीर सिंह बैंस एवं उनकी टीम द्वारा किए गए बेहतर प्रबंधन की समिति सदस्यों द्वारा सराहना भी की गई। प्रभारी मंत्री ने इस अवसर पर बताया कि जिले में पर्याप्त चिकित्सकों की पदस्थापना के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ग्रामीण एवं शहरी आवास योजना की समीक्षा करते हुए प्रभारी मंत्री ने कहा कि योजनांतर्गत सर्वेक्षण कर पात्रों को ही आवास का लाभ दिया जाए। इसके साथ ही योजना की किश्तें समय पर मिलें, यह सुनिश्चित किया जाए। प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि यह योजना गांवों को सुविधा देने के लिए है, इसलिए सडक़ें स्वीकृत करते समय ग्रामीणों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाए। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा के दौरान जिले में पेयजल की उपलब्धता के साधनों की समीक्षा की गई। साथ ही जल जीवन मिशन अंतर्गत जिले में स्वीकृत नल-जल योजनाओं की पूर्णता की स्थिति की भी प्रभारी मंत्री ने जानकारी ली।
लोक निर्माण विभाग, पीआईयू एवं ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग अंतर्गत स्वीकृत निर्माण कार्यों की पूर्णता एवं गुणवत्ता पर प्रभारी मंत्री द्वारा बैठक में विशेष ध्यान दिया गया। वहीं सांसद, विधायक क्षेत्र विकास निधि एवं जनभागीदारी योजना में स्वीकृत राशि से समय-सीमा में कार्य निपटें, इस बात के भी जिला योजना अधिकारी को निर्देश दिए गए। बैठक में कहा गया कि सांसद एवं विधायक निधि के कार्यों में अनावश्यक अड़चन न आये, यह ध्यान रखा जाए।
शिक्षा एवं आदिम जाति कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान छात्रों को नि:शुल्क गणवेश वितरण व्यवस्था की समुचित मॉनिटरिंग करने के प्रभारी मंत्री द्वारा निर्देश दिए गए। साथ ही कहा गया कि स्कूल खुलने की स्थिति में शिक्षण व्यवस्था तत्काल प्रारंभ हों, ऐसी व्यवस्थाएं अभी से सुनिश्चित की जाए।
बैठक में जल संसाधन विभाग अंतर्गत संचालित कार्यों की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा पौधरोपण, जल संग्रहण अभियान की कार्ययोजना की भी प्रभारी मंत्री ने जानकारी ली। बैठक में उप प्रधान जिला पंचायत श्री नरेश फाटे, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एमएल त्यागी सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।