निजी स्कूलों को बंद करने का फैसला लेगा ……? – निजी स्कूल संचालक एसोशिएसन

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मनोहर

प्रदेश सरकार द्वारा ट्यूशन फ़ीस में बढ़ोतरी ना करने और ट्यूशन फ़ीस के अलावा कोई शुल्क नहीं लिए जाने के आदेश से नाराज निजी स्कूल संचालक एसोशिएसन से विरोध में मोर्चा खोल दिया है।  आज से 25 हजार से भी ज्यादा निजी स्कूल संचालक आज हड़ताल पर है , वही आज से ऑनलाइन क्लासेस भी बंद रहेगी। कोरोना काल में लंबे समय से बंद निजी स्कूल सरकार से अपनी पांच सूत्रीय मांगों पर डटे हुए हैं। इसी कड़ी में प्रदेश के कई जिलों में अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर निजी स्कूलों द्वारा सोमवार को ऑनलाइन कक्षाएं बंद रखी गई है। स्कूल ने इस संबंध में अभिभावकों को सूचना भी दे दी है। बताया जा रहा है कि आज स्कूल के संचालक अपनी मांगो को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन भी सौपेंगे। तहसील स्तरों पर संचालकों द्वारा यह ज्ञापन एसडीएम को सौंपे जायेंगे।  स्कूलों की इस हड़ताल का असर प्रदेश के सभी  जिलों में देखने को मिल सकता है। निजी स्कूल संचालक एसोशिएसन  की मांग है कि सरक़ार अपने आदेश वापिस ले या तंग हाल हो चुके निजी स्कूलों के लिए आर्थिक पैकेज की घोषणा करें। अन्यथा निजी स्कूल संचालक एसोशिएसन स्कूलों को बंद करने का फैसला लेगा।

ये सच है की कोरोना कॉल में विगत दो वर्षो से स्कूलों के बंद होने से निजी स्कूलों की माली हालत ख़राब हो गई है। जिसका असर पढाई के साथ साथ स्कूलों में सेवा देने वाले शिक्षकों पर भी पड़ा है। कई निजी संस्थानों ने स्टॉफ घटा दिया तो कई स्कूलों में तनखा देने के वांदे है। और कई बंद होने की कगार पर है।

लेकिन अभी बड़ी मुसीबत तो आने वाली है। प्रदेश में मध्य प्रदेश सरकार की सीएम राइस स्कूल योजना को कैबिनेट ने  प्रथम चरण के लिए 6952 करोड़ रु. की मंजूरी दे दी है। प्रथम चरण में 259 स्कूल खोले जाएंगे। इनमें से 253 स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा और 96 स्कूल आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा खोले जाएंगे। जो सभी विकासखंड में होंगे और वो भी निजी स्कूलों से बेहतर व   निःशुल्क।

जिसके आवागमन हेतु परिवहन सुविधा के साथ आवासीय परिसर तक सरकार उपलब्ध करायेगी  जो हर 25 किलोमीटर के अंतराल में होगा। अब ऐसे में सवाल उठता है कि  क्या निजी स्कूल संचालक सरकार से अपनी बात मनवा सकेंगे।