कमला महिला महाविद्यालय में मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय प्लॉस्टिक फ्री डे

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हेमंत वर्मा 
राजनांदगांव। शासकीय कमलादेवी राठी स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय, राजनांदगांव के एनसीसी पर्यावरण एवं क्रीड़ा विभाग के द्वारा प्राचार्य के मार्गदर्शन में ऑनलाईन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के उद्घाटन उद्धबोधन में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुमन सिंह बघेल ने प्लास्टिक प्रदूषण को वैश्विक आपदा बताया एवं कहा कि यह प्रकृति की देन नहीं बल्कि मानव निर्मित आपदा है। हमें अपने रोजाना उपयोग में प्लास्टिक चीजों का कम से कम उपयोग करना चाहिए एवं इसके विकल्प के बारे में सोचना चाहिए, जैसे कि प्लास्टिक बैग के स्थान पर पेपर या कपड़े का बैग उपयोग में लाना चाहिए क्योंकि, प्लास्टिक को नष्ट होने में वर्षों लग जाते है।
कार्यक्रम की अगली कड़ी में डॉ. सुषमा तिवारी, सहायक प्राध्यापक ने प्लॉस्टिक से होने वाले नुकसान के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आज हम सुविधा भोगी हो गए है और प्लॉस्टिक का उपयोग कर रहे है जो न सिर्फ प्रकृति अपितु जानवरों व मनुष्यों के लिए बहुत घातक सिद्ध हो रहा है। सुश्री रेणु त्रिपाठी, एनसीसी अधिकारी ने जानकारी दी कि प्लॉस्टिक के कारण जमीन की उर्वरक क्षमता कम हो जाती जिसके कारण खाद्य पदार्थो के न्यूट्रिशनल कम्पोनेंट कम हो जाते है, जिसके कारण हमें गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थ नहीं मिल पा रहे है। प्लास्टिक से जो रासायनिक पदार्थ निकलते है उनसे कई प्रकार की घातक बीमारियां हो रही है। गृह विभाग की अतिथि व्याख्याता डॉ. अर्चना खरे ने प्लॉस्टिक के विकल्प के संबंध में जानकारी दी एवं बहुत ही सरल तरीके से पेपर, ड्राईंग शीट एवं कपड़े से किस तरह बैग बनाया जा सकता है सिखाया। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. नीता एस. नायर, क्रीड़ाधिकारी ने किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2022 तक भारत वर्ष को प्लॉस्टिक मुक्त करने का लक्ष्य रखा है और यह सिर्फ शासन की जिम्मेदारी ही नहीं बल्कि हम सभी का दायित्व है कि इस कार्य में हम अपनी भागीदारी निभाए और लोगों को जागरूक करें। अंत में सुश्री रेणु त्रिपाठी ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राओं ने भाग लिया।