बोरदेही क्षेत्र में सरस के नाम पर खुले आम बिक रहा है नकली तेल “सारास”

Scn news india

दिलीप पाल 

आमला. ब्लाक के बोरदेही क्षेत्र में सरस के नाम पर खुले आम बिक रहा है नकली तेल बोरदेही में नकली तेल जिसका नाम सारास है | जिसकी पैकिंग व्यपारी खुद घर में ही कर रहे हैं | नकली तेल ग्रामीण क्षेत्र के गरीब मजदूर एवं मजदूरी करने वाले किसान कम रेट होने की वजह से लेकर जाते हैं | जो बहुमुल्य आदीवासी क्षेत्र में शिक्षित नही होने से बेवकूफ बनाया जा रहा है और व्यपारी वर्ग के लोग खुब पैसा कमाने में लगे हैं | मानो तो ऐसा प्रतीत होता है जैसे गरीबों का खुन चुस रहे हो लेकिन सरस के नाम से जो नकली तेल सारास तेल बेच रहे हैं उस तेल की कुप्पी पंद्रह लीटर की होती है | लेकिन गरीबों को बेवकूफ बनाकर उन्हें सिर्फ 14.379 किलो ग्राम ही तेल दिया जाता है | जिसमें सीधा सीधा पैसे बचाया जा रहा है | खुला तेल और नकली नाम का स्टीगर घर में ही लगाकर कुप्पीयो में पैकिंग कर बेचने का गोरख धंधा बोरदेही में किया जा रहा है | एक तो तेल और ब्रांड भी नकली जिसमें अच्छा खासा इनकम का स्रोत बन गया है | हिंग लगे ना फिटकरी रंग चोखा का चोखा |

 

पूर्व में भी इस नकली तेल गोरख धंधा बोरदेही में चल रहे कारोबार की शिकायत हो चुकी है | लेकिन किसी भी व्यपारियों पर कोई कार्यवाही नहीं कि गई |

शासन-प्रशासन मौन खाद्य विभाग कयों नहीं करता कारवाई
———————————-

नकली तेल और कम वजन और नकली ब्रांड पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा है | खाद्य विभाग को सुचना मिलने के बाद भी शासन- प्रशासन चुप्पी साधे बैठे है | खाद्य विभाग की चेकिंग करने की सूचना बोरदेही में पहले ही दे दी जाती है | जिससे व्यपारी वर्ग अपना इस नकली तेल का कारोबार बंद कर देते हैं | जिसकी मानो तो ऐसा लगता है जैसे खाद्य विभाग को आने की भनक पहले ही लग गई हो | बोरदेही में नकली तेल का प्रचलन विगत वर्षों से चल रहा है | जिसे प्रशासन ने अभी तक किसी भी व्यपारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं कि है | ऐसा लगता है कि मानो कही ना कही प्रशासन भी इस करोबार में मिला हो जो कार्रवाई में पिछ़ड रहा है | गरीबों के साथ छट कपट कर उन्हें बेवकूफ बनाया जा रहा है | नकली तेल देकर बिमारियों को न्योता देने का का हो रहा है |

 

खुला- तेल भरकर कुप्पीयो में नकली ब्रांड का स्टीगर लगाकर सप्लाई
————————————–

वैसे बाजार में कई प्रकार के ब्रांडेड तेल है लेकिन बोरदेही में नये- नये नाम से स्वंय ब्रांड बनाकर तेलो की पेकिंग करने में महारथ हासिल कर रहे हैं | बोरदेही क्षेत्र काफी बड़ा क्षेत्र माना जाता है | क्षेत्र के हिसाब से बड़ा बाजार भी लगता है | कम पढ़े एवं गरीब मजदूरी करने वाले या किसान वर्ग के लोगों को शरासर बेवकूफ बनाया जा रहा है | अलग अलग नाम के नकली ब्रांड जैसे सरस का नाम सारास, रुही, दीपक, जैसे अलग अलग तरह के नकली तेल घर पर बनाकर पैकिंग कर बेचने का काम कर रहे हैं | बोरदेही से पैकिंग होकर गाँव देहातो की छोटी छोटी दुकानों पर भी कम दामों में सप्लाई करने का काम किया जाता है | जिसमें पंद्रह लीटर की कुप्पीयो में दीपक तेल नाम का नकली तेल की कुप्पीयो में सिर्फ 13.35 किलो. ग्राम ही तेल भरकर बेचा जा रहा है | बोरदेही क्षेत्र की भोली भाले ग्रामीणों के साथ धोखाधड़ी की जा रही है | बाजार में ज्यादा भीड़ भाड़ होने की वजह से ग्राहक तेल को तुलवाता नहीं और ठीक तरह से देखता नहीं जिसमें जल्दी की वजह से तेल लेकर निकल जाते हैं |
इनका कहना है………
नकली खुला तेल को पेकिंग कर के बिक्री करने की शिकायत मिली  है जल्द ही कार्यवाही की जायेगी पूर्व में भी नकली तेल बिक्री करने वालो पर कार्यवाही की गई है।

संदीप पाटिल खाद्य अधिकारी बैतुल