महिलाओं को कमतर बताने वाले अंशों को शैक्षणिक पाठ्यक्रमों से हटाया जाए : मुख्यमंत्री श्री चौहान

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मनोहर

भोपाल-मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में  महिलाओं को कमतर बताने वाले अंशों को तत्काल हटाया जाए। पाठ्यक्रमों का ऑडिट कर उन्हें जेंडर न्यूट्रल बनाने का कार्य प्राथमिकता से पूर्ण किया जाए। इसके साथ ही महिला अधिकारियों-कर्मचारियों के पद नाम के लिए उपयोग की जाने वाली शब्दावली में भी समानता का भाव आवश्यक है। शिक्षिका, प्राचार्या के स्थान पर महिला-पुरुषों के लिए समान शब्दावली जैसे शिक्षक, प्राचार्य आदि पदनाम का उपयोग किया जाए।

मुख्यमंत्री श्री चौहान आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण और बाल-कल्याण पर गठित अंतर विभागीय समूह की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में गृह, जेल एवं संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, पर्यटन, संस्कृति तथा अध्यात्म मंत्री सुश्री उषा ठाकुर, मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, प्रमुख सचिव महिला-बाल विकास श्री अशोक शाह उपस्थित थे। खेल, युवा कल्याण, तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया और लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभु राम चौधरी वर्चुअली बैठक में शामिल हुए।

बैठक में बालिकाओं के प्रोत्साहन, स्वास्थ्य और पोषण सुरक्षा, शिक्षा स्तर में संवर्धन, महिलाओं के सम्मान के लिए वातावरण निर्माण, जेंडर बजटिंग, संपत्ति अधिकार को बढ़ावा देने, आर्थिक सशक्तिकरण, बाल शोषण, बाल श्रम, गुमशुदा बच्चों की स्थिति, बच्चों में नशे की प्रवृत्ति, अनाथ और बाल देख-रेख तथा संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों की स्थिति के संबंध में अनुशंसाएँ प्रस्तुत की गई।