मकानों से गायब हुए पालिका के क्यू आर कोड

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मनोहर भोपाल

सारनी – नगर पालिका सारनी का स्वच्छता अभियान कभी कभी महज दिखावा सा लगता है। केवल और केवक आंकड़ों को बाजीगरी और मात्र प्रशासन की निगाह में अव्वल रैंकिंग लाने के लिए स्वच्छता मुहीम चलाई जाती है। उसके बाद शोर थाम जाता है। ऐसे कई उदाहरण  पालिका की स्वच्छता मुहीम पर सवालिया निशान छोड़ती है जिसमे लाखों रुपये केवल दिखावे मात्र हेतु खर्च कर दिए। लेकिन उसका उपयोग जनता के हित में हुआ हो ऐसा दिखाई नहीं दिया।  विगत  माह पूर्व नगर को हाईटेक बनाने की मुहीम में नगर पालिका सारनी द्वारा 36 वार्डो में प्रत्येक घर पर  लाखों रुपये खर्च कर क्यू आर कोड चिपकाए गए थे। जो डोर टू डोर कचरा संकलन पर निगरानी हेतु  सभी घरों की दीवारों पर क्यूआर कोड हार्ड टैग लगाया गया था। मुहीम पर पानी तो तभी फिर गया था जब चिपकाते ही बार कोड स्टीगर जमीन पर गिर गए। और आज एक दो मकानों को छोड़ बाकी सब मकानों से स्टीगर नदारद है।  सवाल ये उठता है कि शहर को हाईटेक बनाने में जो भी योजना बनाई जाती है वह दीर्घकालीन क्यों नहीं होती। योजना अपने निर्धारित समय सीमा से पहले ही क्यों दम तोड़ देती है। दूसरा जनता के टेक्स का पैसा नगर पालिका द्वारा केवल दिखावे के लिए उड़ाना क्या जायज है ? जिसका जनता के लिए कोई उपयोग ही ना हो। जो महज खरीदी को बढ़ावा देना प्रतीत होता है।  सवाल बहुत से है ?