मनरेगा के कार्य हो रहे ठेके पर,चल रही जेसीबी -यूथ कांग्रेस

Scn news india

मनोहर

होशंगाबाद जिले के केसला ब्लाक स्थानीय मजदूरों के मजदूरी पर डाका डालने जैसा मामला सामने आया है। एक ओर जहाँ कोरोना  लॉकडाउन ने निंम्न तबके की माली हालत ख़राब कर दी। वहीँ दूसरी ओर जीवन यापन करना कठिन हो रहा है। सरकार द्वारा इन गरीबो को  निःशुल्क अनाज तो दिया जा रहा है लेकिन केवल मोटा अनाज ही काफी नहीं है। दैनिक दिन चर्या में और भी चीजों की जरुरत होती है ,जो केवल नगद ही खरीदी जा सकती है। ऐसे में मजदूरी ही इन का सहारा है , लेकिन केसला ब्लाक के ग्राम पंचायत भट्टी में वो भी नसीब नहीं हो रही।

कांग्रेस ने इन गरीब मजदुर तबके के लोगों के जीवन को सवांरने मनरेगा योजना बनाई ताकि प्रत्येक  ग्रामीण को 100 दिन का रोजगार ग्यारंटी से मिल सके। लेकिन  ग्राम पंचायत भट्टी में  इनके हक़ पर डाका डाल जो कार्य मनरेगा में कराये जा सकते थे। उन्हें  पंचायत द्वारा  ठेकेदार से कराया  जा रहा है और उसमे भी  जेसीबी का इस्तेमाल हुआ है। जबकि  मनरेगा के तहत ग्राम के मजदूरों  को काम  मिलना चाहिए था । सुप्रीम कोर्ट के द्वारा  स्थानीय मजदूरों को प्रमुखता से रोजगार उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश के  बाद भी  पंचायत का  बाहर के ठेकेदार से कार्य कराया जाना जाँच का विषय है।

स्कूल को बनाई सराय 

ठेकेदार के  जो लेबर है वह गांव के कन्या शाला स्कूल मैं ठहरे हुए हैं वह शासकीय नन्हे-मुन्ने बच्चों के भविष्य का मंदिर है परंतु इस मंदिर में चूल्हे चल रहे हैं कपड़े सुखाए जा रहे हैं खाना पकाया जा रहा है यहां तक की उसी विद्या के मंदिर में रूखे लेबर शिक्षा के मंदिर को स्नानघर बना दिया है विद्या जैसे मंदिर के घर को गंदा कर दिया है इसका जिम्मेदार कौन है।

यूथ कांग्रेस विधानसभा महासचिव ने लगाया गंभीर आरोप 

यूथ कांग्रेस विधानसभा महासचिव अखिलेश पांडे द्वारा पूर्व में भी जनपद सीईओ सरपंच सचिव को अवगत कराया गया की यहां बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है शिक्षा जैसे मंदिर में आपने लेबर को क्यों रखा आपने किससे परमिशन ली विधानसभा महासचिव अखिलेश पांडे द्वारा पूर्व में पंचायत की समस्या को लेकर सीईओ वंदना कैथल को कई बार अवगत कराया गया परंतु आज दिनांक तक जनपद सीईओ मौके वारदात पर उपस्थित नहीं हुई अगर मैं अखिलेश पांडे इस पंचायत की निरंतर समस्या उठाते आया हूं और उठा रहा हूं अगर भविष्य में मेरे साथ कुछ होता है तो उसके जिम्मेदार पंचायत सरपंच सचिव होंगे।