नशे के दुष्परिणाम, बचाव व उपचार पर ऑनलाईन कार्यशाला – पुलिस ने किया जागरूक

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इन्दौर-दिनांक 26 जून 2021- मादक पदार्थो के दुरूपयोग एवं उनकी तस्करी को रोकने के लिये मनाये जाने वाले (International Day Against Drug Abuse and Illicit Trafficking.26th June) अन्तर्राष्ट्रीय नशा निवारण दिवस के उपलक्ष्य में, आज दिनांक 26.06.2021 को इन्दौर पुलिस द्वारा नारकोटिक्स विंग के सहयोग से ‘‘मादक द्रव्य-नशे के दुष्परिणाम, बचाव व उपचार’’ विषय पर एक ऑनलाईन प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। उक्त कार्यशाला का उद्घाटन मुख्य अतिथि जी.जी. पाण्डेय पुलिस महानिरीक्षक नारकोटिक्स विंग एवं विशिष्ठ अतिथि हरिनारायणचारी मिश्र पुलिस महानिरीक्षक इंदौर ज़ोन इन्दौर की विशेष उपस्थिति में, मनीष कपूरिया, पुलिस उप महानिरीक्षक शहर इन्दौर की अध्यक्षता में किया गया, जिसमें पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) इंदौर अरविंद तिवारी, पुलिस अधीक्षक (पश्चिम) इन्दौर महेशचंद्र जैन, पुलिस अधीक्षक पूर्व इन्दौर आशुतोष बागरी, अति. पुलिस अधीक्षक नारकोटिक्स इंदौर रितेश गर्ग, अति. पुलिस अधीक्षक मुख्यालय इंदौर मनीषा पाठक सोनी, अति. पुलिस अधीक्षक पश्चिम इंदौर प्रशांत चैबे सहित नशे की लत को दूर करने में कार्यरत् स्वयंसेवी संगठन Alcoholics Anonymous, Narcotics Anonymous, Al-Anon Family Group के सदस्यगण व ऑनलाईन रूप से प्रतिभागीगण सम्मिलित हुए।

कार्यक्रम की शुरूआत करते हुए एसपी महेशचंद्र जैन ने कहा कि नशे को एक तरह से नाश शब्द का ही पर्यायवाची कहे तो गलत नहीं होगा क्योकि किसी भी प्रकार का नशा केवल शारीरिक रूप से हीं न ही वरन पारिवारिक, सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक हर तरह से नशा करने वाले व्यक्ति के जीवन का नाश कर देता है, इसलिये इससे दूर रहना ही इसका सबसे बढ़ा बचाव है।
आईजी इन्दौर हरिनारायणचारी मिश्र ने अपने उद्बोधन में कहा कि आजकल नशीले पदार्थों के अत्यधिक सेवन के कारण इन पदार्थों का अवैध व्यापार बहुत तेजी से बढ़ रहा है और ये न केवल लोगों का जीवन बरबाद कर रहा है बल्कि कानून और व्यवस्था के लिए भी चुनौती बन रहा है तथा इसने संगठित अपराध का रूप भी ले लिया है। नशे के कारण ही लोगों में आपराधिक प्रवृत्ति की भी वृद्वि हो रही है, जिस पर अंकुश लगाने के लिये पुलिस प्रशासन हर संभव रूप से प्रयासरत् रहती है। उन्होनें विगत माह में इन्दौर पुलिस द्वारा ड्रग माफियाओं के विरूद्ध की गयी प्रभावी कार्यवाही का उल्लेख करते हुए, इन्दौर पुलिस के कार्य की प्रशंसा भी की।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आईजी नारकोटिक्स श्री जी.जी. पाण्डेय ने कहा कि आज के समय में किसी महामारी की तरह कोई चीज दुनिया में सबसे ज्यादा फैल रही है तो वो है नशे की लत। यह एक रोग की तरह है, जो लोगों को धीरे-धीरे मौत की नींद सुला रहा है। ड्रग्स का सेवन या ड्रग्स की लत एक मनश्चिकित्सीय, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक समस्या है जो न केवल पूरे विश्व के युवाओं को प्रभावित करती है बल्कि विभिन्न आयु के लोगों को भी इसने अपने गिरफ्त में ले रखा है और दिन-प्रतिदिन इसके सेवन करने वालो का दायरा बढ़ता ही जा रहा है। यह व्यक्तियों और समाज को केवल शारीरिक व सामाजिक ही नहीं सांस्कृतिक, भावनात्मक, आर्थिक सहित जीवन के कई क्षेत्रों में नष्ट कर देती है। इसकी रोकथाम के लिये केवल पुलिस-प्रशासन ही नहीं वरन समाज के प्रत्येक व्यक्ति को मिलकर प्रयास करने होगें तब ही हम इससे स्वयं व अपने परिजनों को बचा पायेगें।

प्रशिक्षण कार्यशाला में उपस्थित सदस्यों द्वारा आॅनलाईन रूप से जुड़े प्रतिभागियों को वर्तमान परिदृश्य में मादक पदार्थो व नशें के दुष्परिणाम व उपचार तथा इनसे दूर रहने के उपायों के बारें में चर्चा करते हुए, उनकी संस्थाएं किस प्रकार से नशे की गिरफ्त में आये लोगों की सहायता करती है और नशे के आदि व्यक्ति को इस बुरी आदत से किस प्रकार दूर किया जाएं इसके बारें में उनके अनुभवों के आधार पर विस्तृत रूप से जानकारियां प्रदाय की गयी। उन्होनें कहा कि नशे करने वाले लोग मानसिक विकारों से ग्रसित हो जाते है और अपराध की राह पर पहुंच जाते है। इसके लिये हमें कानूनी प्रावधानों के साथ इसकी वजह जो ये नशाखोरी है इस पर ही प्रहार करना होगा। इसके लिये हम सभी को मिलकर काम करना होगा तभी हम इस सामाजिक बुराई को जड़ से मिटा पाएंगे व देश की युवा पीढ़ी को नशे से बचा पाएंगे। हमें नशा करने वाले व्यक्ति को समझाना होगा कि समस्याएं तो सभी को हैं लेकिन किसी भी समस्या का हल नशा नहीं हो सकता।
कार्यक्रम का सफल संचालन अति. पुलिस अधीक्षक प्रशांत चैबे द्वारा किया गया तथा अन्त में पुलिस के सामाजिक उत्तरदायित्व हेतु इस सफल कार्यक्रम के आयोजन पर सभी अतिथियों व प्रतिभागियों को धन्यवाद देते हुए, अति. पुलिस अधीक्षक श्रीमती मनीषा पाठक सोनी द्वारा सभी का आभार व्यक्त किया गया।