बकलोल : मीडियानामा – कलेक्टर ने पत्रकारवार्ता ली पर चाय नाश्ता तो दूर पानी तो को नही पूछा..What is manners sirji !

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वरिष्ठ पत्रकार के स्वतंत्र विचार 

बकलोल : मीडियानामा
कलेक्टर ने पत्रकारवार्ता ली पर चाय नाश्ता तो दूर पानी तो को नही पूछा..What is manners sirji !
बैतूल। कलेक्टर बैतूल आईएएस अमनवीर सिंह ने पहली बार पत्रकार वार्ता ली। उनकी पोस्टिंग के बाद से अपना टैलेंट दिखाने को आतुर मीडिया बड़े उत्साह से मुखातिब होने पहुची पर जब हाथ झाड़ कर बाहर निकली तो कहने लगी कि क्या कलेक्टर है पानी को भी नही पूछा। पत्रकार वार्ता के चाय नाश्ते के सामान्य शिष्टाचार के आदि पत्रकार जमात अब यह कहना है कि पीआरओ को तो कम से कम इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि कलेक्टर की पत्रकार वार्ता में क्या सत्कार होना चाहिए। अब तो लोग पीआरओ दफ्तर के सत्कार फ़ंड को लेकर आरटीआई तक लगाने की तैयारी में है। खैर पत्रकारो का कहना है कि जब कोई कलेक्टर पत्रकार वार्ता लेता है तो वह इस शिष्टाचार का पालन करता है कि समोसे कचौड़ी का न सही कम से कम चाय बिस्कुट का तो इंतजाम हो पर यहां तो पानी तक के लिए नही पूछा गया। लोग पुलिस का उदहारण तक देने लगे कि वहां एसपी हो या कोई टीआई हो , जब किसी मामले में पत्रकार वार्ता लेते है तो चाय नाश्ते का इंतजाम करते है, होली पर तो शुभकामना संदेश के साथ बीकानेर की मिठाई भी दी थी। पिछले कोरोना काल के लॉक डाउन में जब सब बन्द था तब समोसे बड़े का इंतजाम न होने पर 3 अगस्त की पत्रकारवार्ता में चाय बिस्कुट से सत्कार किया गया था। इस पूरे मामले में एक पत्रकार का कहना था कि हम कोई चाय नाश्ते के भूखे है क्या तो फिर यह सवाल उठता है कि पत्रकार वार्ता में इतनी भीड़ क्यो लगती है ? ज्यादातर तो मुंह ताकते ही बैठे रहते है वोलने वाले बस चार पांच चिरपरिचित ही है। वे भी ज्यादातर जिस मुद्दे पर पत्रकारवार्ता होती है उसे छोड़कर भलते ही कुछ भी पूंछते है। जो मौन रहकर चाय नाश्ते से संतुष्ट रहते है वो बाहर आकर अकसर कहते है कि अमुक मुँहजोरी करते रहता है किसी को बोलने ही नही देता। वैसे जानकारी के लिए यह बता दूं कि आईपीएस विवेक शर्मा ने तो पत्रकारों के लिए सापना पर बाकयदा पार्टी का इंतजाम किया था, उनकी बतौर एसपी बैतूल में पहली पोस्टिंग थी, वर्तमान में वे आईजी प्रशासन है। वही विधानसभा चुनाव 2008 के बाद कलेक्टर अरुण भट्ट ने पत्रकारों को भोज दिया था । पत्रकारों ने भी उनके तबादले के बाद उन्हें विदाई पार्टी दी थी।
सामान्य तौर पर बैतूल में मीडिया अफसरशाही से व्यक्तिगत सम्बन्ध को लेकर लालयित रह्ती है।
कलेक्टर ने भले ही पानी को नही पूछा इसका मलाल हो सकता है पर कामकाज पर सवाल नही खड़ा करेंगे ।