24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ की हुई पूर्णाहुती

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रविकांत बिदोल्या scn न्यूज़ ब्यूरो
हटा – स्थानीय गायत्री शक्तिपीठ में 4 दिवसीय 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पूर्णाहुति कर एक अच्छाई को ग्रहण करने एवं एक बुराई को त्यागने का संकल्प किया। इसके पूर्व प्रज्ञा पुराण कथा में परिवार निर्माण की व्याख्या करते हुए टोली नायक श्री वर्मा ने गृहस्थ जीवन का उल्लेख किया। परिवार में इंद्रिय विचार संयम विचार व्यक्त किए श्रम शीलता सुव्यवस्था मितव्ययिता सहकारिता एवं शालीनता की आवश्यकता है। आज व्यक्ति को श्रम देवता की आराधना करना चाहिए दूसरों के भरोसे कार्य नहीं करना स्वयं अपने बच्चों को कार्य कराने हेतु प्रोत्साहन करना चाहिए। नशा पर बोलते हुए कहा कि नशा दुनिया की सबसे बड़ा राक्षस है। यदि अपने परिवार को बचाना है तो नशा तंबाकू शराब से दूर रखें।

खर्चीली शादियां हमें दरिद्र और बेईमान बनाती हैं। अपने बच्चों कि शादियां दिन में करने का संकल्प लें जिस घर में कुशल ग्रहणी नहीं वहां भूत का डेरा है। माताएं बिगड़े हुए घर को संभाल सकती हैं अच्छे गुणों का समुच्य है। भगवान परम पूज्य गुरुदेव ने छोटे छोटे से कार्य कराया है। अंतिम दिन यज्ञ में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने यज्ञ कर भंडारा में भाग लिया। सायं काल सैकड़ों दीपक जलाकर दीप यज्ञ किया। इस यज्ञ में खमरगौर हिनौता देवरिया मडियादो मुहरइ कुआंखेड़ा आदि दो दर्जन से अधिक गांव के प्रज्ञा मंडल के सदस्यों ने सब परिवार भाग लिया। परिजनों ने पूर्णाहुति में यज्ञ के दौरान साधना उपासना करके गुरुदेव के साहित्य को जन जन तक पहुंचाने हेतु नियमित स्वाध्याय करने का संकल्प लिया। गायत्री परिवार ने कार्यक्रम में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रुप से सहयोग करने वाले परिजनों आभार व्यक्त किया।

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