छलावा साबित हो रहा मिशन 1000 स्कूल में न बाऊंड्रीवाल न खेल मैदान

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प्रद्युमन फौजदार 

बड़ामलहरा/सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग के मिशन 1000 के अंतर्गत शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बड़ामलहरा में अध्ययनरत छात्राओं को प्रशासनिक अनदेखी का शिकार होना पड़ रहा है। भले ही सरकार द्वारा उक्त मिशन के अंतर्गत छात्रों को सर्व सुविधायुक्त शैक्षणिक व्यवस्था देने का प्रावधान हो लेकिन स्कूल की अधूरी व्यवस्था के चलते छात्राएं असुरक्षित माहौल में पढ़ने को मजबूर है । जानकारी के मुताबिक उक्त विद्यालय में सभी विषयों के शिक्षकों के पद शासकीय व अतिथियों से पूरे तो कर लिये गये मगर कक्षा 9 से 12 तक 950 छात्रायें गणित विज्ञान,कॉमर्स एवं व्यवसायिक पाठ्यक्रम आईटी , ब्यूटी विषय लेकर असुरक्षित तथा गन्दगी जैसी अनेक समस्या ग्रस्त माहौल में पढ़ाई करने को मजबूर है ग्राउंड फ्लोर में सभी छात्राओं के लिए बनाए गए स्कूल भवन व अतिरिक्त भवन में कहने को 15 कक्ष है।

जिसमें से एक प्राचार्य कक्ष व एक कक्ष सभी विषयों की लैब के लिए आरक्षित किया गया है और तीन कमरे माध्यमिक शाला संचालित करने के लिये वैकल्पिक व्यवस्था की गई है इस तरह से छात्राओं को बैठने के लिए महज 10 कमरे बचते है 10 कमरों में से 7 कमरों में फर्नीचर भरा पडा़ है जिनमें महज 360 छात्राएं बैठ पातीं है बाकी छात्रायें जमीन पर बैठकर पढ़ाई करती है।गौरतलब है कि स्कूल के लिए साढ़े 4 एकड़ शासन द्वारा भूमि आबंटित की गयी है लेकिन अभी तक स्कूल की बाउंड्रीबॉल नहीं बनाये जाने से छात्राये़ असुरक्षा तथा गन्दगी के बीच पढ़ाई करने को मजबूर है जो स्वच्छ भारत अभियान की कलई बयां कर रही है।खेल सामग्री होने के बावजूद खेल मैदान ना होने के कारण सामग्री स्टोर रूम में धूल खा रही है विभागीय लापरवाही के चलते एनसीसी शिक्षक ना होने से एनसीसी भी बंद हो गयी है जिससे छात्रायें एनसीसी क्लास से वंचित है। पेयजल के लिए महज एक हेंड पम्प जिसमें जल स्तर कम होने की वजह से विद्युत मोटर डाली गई है लेकिन उक्त हैण्ड पम्प महज जनवरी तक ही पानी की आपूर्ति कर पाता है ।

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