पत्रकार पंकज सोनी को खबर प्रकाशित करने को लेकर जारी किए नोटिस के विरोध में सारनी के पत्रकारों ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

Scn news india

हर्षिता वंत्रप 

सारनी।पत्रकार पंकज सोनी को अखबार में प्रकाशित गुफ्तगू पर नोटिस जारी कर अपने अखबार सांझवीर टाईम्स में गासिप कालम गुफ्तगु में 4 और 7 जून को अलग शीर्षक प्रकाशित किये थे। यह केवल जन चर्चाओं पर आधारित रहते हैं। इसके बावजूद एसडीओपी शाहपुर महेन्द्र सिंह मीणा द्वारा उन्हें नौ जून को विभाग के एक आरक्षक से शाम पांच बजे एक नोटिस कार्यालय में तामिल करवाकर उसी दिन यहां से 35 किलोमीटर दूर शाहपुर आकर बयान देने के दिये बाध्य किया गया। जबकि पंकज सोनी उस समय बैतूल मैं नहीं थे। अगले दिन दस जून को एसडीओपी द्वारा सुबह 11.30 बजे मोबाइल पर काल कर तुरंत पुलिस कन्ट्रोल रूम आकर बयान दर्ज कराने के लिये कहा गया। पत्रकार साथी पंकज सोनी ने जब बयान देने के लिये बाध्य न होने की बात कही। तब वे उसी दिन (10 जून को ) शाम तक बयान देने आने के लिये दबाव बनाते रहे। जबकि सुप्रीम कोर्ट, प्रेस काउंसिल आफ इंडिया ने भी स्पष्ट निर्देश दिये है। कि पत्रकारों से खबर का स्त्रोत नहीं पूछ सकते। इसके साथ ही पुलिस नोटिस भी नहीं दे सकती,लेकिन गासिप पर पुलिस ने दबाव बनाने के लिये सीधे दो नोटिस जारी कर पत्रकार पर दबाव बनाने की कोशिश की है। ऐसी परिस्थितियों और दबाव में पत्रकार स्वतंत्र और निष्पक्ष कार्य नहीं कर सकते। नोटिस देने के मामले में सारनी के पत्रकारों द्वारा विरोध करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम ज्ञापन सौंपा गया। अवसर पर स्थानीय पत्रकार नन्हेलाल चंद्रवंशी, कालिदास चौरासे, भीम बहादुर थापा, संजीव डोंगरे, छविनाथ भारद्वाज, अनु गोहे, संदीप झपाटे, शंकर साहू, गजेंद्र सोनी, ब्रज किशोर भारद्वाज, कुबेर डोंगरे सहित स्थानीय पत्रकार उपस्थित थे।