आवास के लिए दर दर भटक रहा युवक,पंचायत की अनदेखी की शिकार

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डिंडोरी से गणेश शर्मा।।

डिंडोरी -जिले के बजाग जनपद पंचायत बजाग अंतर्गत ग्राम पंचायत गाड़ासरई के प्रेमनगर बस्ती में रहने वाला संतोष कुमार मांझी पिता परमानंद उम्र40 वर्ष जो कि बनी मजदूरी कर अपने व अपने परिवार का पालन पोषण तो कर रहा है पर रहने के लिए छप्पर नही।
जिले के होनहार ग्राम पंचायत गाड़ासरई जो कि ऐसे लोगों को आवास जैसे मकान के लिए दर दर भटकना पड़ रहा है। यह एक बहुत बड़ी विडम्बना  है जो कि केंद्र सरकार के योजना से ग्राम का सरपंच सचिव के द्वारा लाभ से वंचित करते नजर आ रहे है।


वंही पीड़ित संतोष कुमार का कहना है कि मेरे द्वारा कई बार ग्राम सभा में आवेदन, निवेदन किया गया पर मेरे ओर ध्यान छोड़ अनदेखी किया जा रहा है।
वंही संतोष का कहना है यदि मेरा जल्द आवास स्वीकृति नही हुआ तो मेरा घर बारिश के पानी मे गिर जाएगा।इसी तरह पिछले वर्ष भी मेरा कच्चा मकान गिर गया था जिसका आज तक मुझे ना मुआवजा  मिला ना मकान।
पीड़ित संतोष कुमार का कहना है कि मैं अपनी गोहर आवेदन के माध्यम से कमिश्नर साहब बोरकर जी से करूँगा जिनका आगमन जल्द ही गाड़ासरई में होने जा रहा है।

गौरतलब है कि केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने वर्ष 2022 तक देश के सभी आवासहीन परिवारों को मकान देने का वादा किया है। इसके लिए हमने 2.95 करोड़ आवास बनाने का लक्ष्य रखा है. डिजिटल माध्यम से मध्य प्रदेश के सवा लाख ग्रामीण परिवारों का प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत निर्मित आवासों में गृह प्रवेश करवाते हुए , श्री तोमर ने धार में ग्रामोदय मिशन के राज्य-स्तरीय कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा था कि  ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने इस बात का प्रयत्न किया है कि 2022 तक देश के सभी आवासहीन बंधुओं को अपना मकान मिल जाए.” लेकिन प्रदेश के आदिवासी बाहुल्य जिले में ऐसा होता दिखाई नहीं दे रहा।