मंत्रि-परिषद की बैठक संपन्न – कई महत्वपूर्ण फैसले

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मनोहर

भोपाल-मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में राज्य निर्वाचन आयोग मुख्यालय के 21 पद एवं जिला स्तर के 255 पद इस प्रकार कुल-276 अस्थायी पदों का प्रवर्तन एक मार्च 2021 से 28 फरवरी 2022 तक की अवधि के लिए किये जाने का निर्णय लिया गया। 

एस.डी.आर.एफ मद से भुगतान स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने निर्णय लिया कि कोविड-19 के संक्रमण के दौरान तात्कालिक आवश्यकता के कारण ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न राज्यों से रेल व वायुयान से मेडिकल ऑक्सीजन टैंकर के परिवहन व्यय तथा विभिन्न माध्यमों से किराये पर लिये गये क्रायोजनिक टैंकर्स के केरियर्स के किराये का भुगतान राज्य शासन द्वारा वहन किया जाये और इस भुगतान की स्वीकृति एस.डी.आर.एफ मद से की जाये।

मुख्यमंत्री सहायता कोष के 43 करोड़ रूपये से अधिक राशि का अनुमोदन

मंत्रि-परिषद ने प्रदेश को मेडिकल ऑक्सीजन उत्पादन के क्षेत्र में आत्म-निर्भर बनाने के लिए ऑक्सीजन संयंत्रों की स्थापना, रेमडेसिविर इंजेक्शन और लीपोसोमल एमफोटेरिसिन-बी इंजेक्शन की आवश्यकता को देखते हुए सीधे क्रय करने के दृष्टिगत आपदा प्रबंधन अधिनियम के अंतर्गत गठित कार्यकारिणी समिति द्वारा दिए गये निर्णयानुसार 43 करोड़ 78 लाख रूपये की व्यवस्था मुख्यमंत्री सहायता कोष से करने के निर्णय पर कार्योत्तर अनुमोदन  दिया।  

गैरतगंज में आई.टी.आई. स्थापना की स्वीकृति

तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के अन्तर्गत नये शासकीय आईटीआई की स्थापना विधानसभा क्षेत्र रायसेन के अंतर्गत विकासखण्ड गैरतगंज में स्वीकृत की गई है। इस आईटीआई की स्थापना, संचालन एवं उन्नयन के लिये 14 करोड़ 13 लाख रूपये संभावित व्यय होगा। इस आईटीआई के लिए कुल 30 पदों के सृजन की मंजूरी दी गई।

सूचकांक में छूट

मंत्रि-परिषद ने निर्णय लिया कि नर्मदा घाटी विकास परियोजनाओं में सूचकांक में छूट उन निविदाओं के लिये दी गई है, जिनकी स्वीकृति विचाराधीन है। अन्य परियोजनाओं के लिये जिनकी निविदाएँ प्राप्त नहीं हुई है या आमंत्रित नहीं की गई है, उनके लिये सूचकांक में आवश्यक छूट का प्रस्ताव मंत्रि-परिषद में यथासमय प्रस्तुत किये जायेंगे।

सिंचाई परियोजना

मंत्रि-परिषद ने मोहगांव मध्यम सिंचाई परियोजना की 2950 हेक्टेयर सिंचित क्षेत्र के लिए 134 करोड़ 59 लाख रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी।