वकील बनकर कोर्ट में घूमने वालों की धरपकड़ शुरू, आधा दर्जन से ज्यादा नाम सामने आए

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इंदौर -जिला कोर्ट की तदर्थ कमेटी द्वारा फर्जी वकीलों के खिलाफ शुरू की गई मुहिम में अब तक आधा दर्जन से ज्यादा फर्जी वकीलों के नाम सामने आए हैं। कानून की कोई डिग्री नहीं होने के बावजूद ये लोग वकील बनकर न सिर्फ न्यायालय में काला कोर्ट पहनकर घूमते थे बल्कि पक्षकारों को बड़ी-बड़ी बातों से बरगलाकते भी थे। ये कथित वकील दुर्घटना में घायल लोगों और उनके स्वजन से अस्पताल में जाकर मिलते थे। वे खुद को क्लेम एडवाइजर बताकर उन्हें ज्यादा से ज्यादा क्लेम दिलाने का आश्वासन देते और बातों में उलझाकर उनसे वकालातनामे पर हस्ताक्षर करवा लेते थे। बाद में ये फर्जी वकील मोटी रकम लेकर यह वकालातनामा किसी वकील को सौंप देते थे। ये फर्जी वकील दुर्घटना में मृत व्यक्ति के स्वजन से पोस्टमार्टम विभाग में जाकर मिलते थे। तदर्थ कमेटी अब इन फर्जी वकीलों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।
गौरतलब है कि जिला कोर्ट की तदर्थ कमेटी को लगातार शिकायत मिल रही थी कि कुछ लोग जिनके पास वकालात की कोई डिग्री नहीं है लेकिन वकील बनकर पक्षकारों से मिलते हैं। ऐसे लोगों में से ज्यादातर क्लेम एडवाइजर बनकर लोगों से मिलते हैं। ये लोग अस्पतालों में घायलों से और पोस्टमार्टम कक्ष के बाहर मृतक के स्वजन से मिलते हैं और क्लेम केस दायर करने के नाम पर किसी तरह उनसे वकालातनामे पर हस्ताक्षर करवा लेते हैं। बाद में इस वकालतनामे को दूसरे वकील को ट्रांसफर कर देते हैं।
लगातार शिकायतें मिलने के बाद तदर्थ कमेटी ने इस संबंध में कार्रवाई करते हुए ऐसे फर्जी वकीलों की धरपकड़ के लिए मुहिम शुरू की। कमेटी अध्यक्ष कमल गुप्ता और सदस्य एडवोकेट राकेश पाल ने बताया कि अब तक आधा दर्जन से ज्यादा ऐसे फर्जी वकीलों के नाम सामने आए हैं। यह भी पता चला है कि जिला कोर्ट में कुछ ऐसे लोग भी प्रेक्टिस कर रहे हैं जिनके पास सनद तक नहीं है। बावजूद इसके ये लोग वकील बनकर पक्षकारों से मिलते हैं। कमेटी ने ऐसे लोगों की पहचान के लिए साथी वकीलों से अपील की है। अब तक सामने आए आधा दर्जन से ज्यादा नामों की जांच के बाद दोषियों को पुलिस के हवाले कर दिया जाएगा
छबि धूमिल होती है

खुद को वकील बताने वाले ऐसे फर्जी लोगों को कानून की कोई जानकारी नहीं होती है। वे खुद को वकील बताते हुए पुलिस, प्रशासन और आम आदमी पर रौब झाड़ने की कोशिश करते हैं। इन फर्जी लोगों की वजह से वकीलों की छबि खराब होती है और वकालात के व्यवसाय की बदनामी भी होती है। तदर्थ कमेटी ने सभी वकीलों से अपील की है कि उन्हें ऐसा कोई फर्जी मिले तो तुरंत कमेटी को सूचना दें।
कमल गुप्ता, संयोजक तदर्थ कमेटी, इंदौर अभिभाषक संघ, इंदौर

वकीलों का समर्थन मिल रहा है

तदर्थ कमेटी की इस मुहिम को वकीलों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। अब तक आधा दर्जन से ज्यादा नाम सामने आ चुके हैं। वकील अब खुद आगे आकर फर्जी लोगों के नाम बता रहे हैं। यह बहुत अच्छी बात है। इस तरह वकील का रूप बनाकर किसी को धोखा देना कानूनन अपराध है। कमेटी फर्जियों के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराएगी। –

राकेश पाल, सदस्य तदर्थ कमेटी, जिला अभिभाषक संघ इंदौर