माइक्रो कन्टेनमेंट बना मजाक – सिर्फ एक covid positive व्यक्ति के लिए किया 250 लोगों को कैद

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शिवम सागर

सागर – प्रदेश के मुख्यमंत्री से लेकर पूरा प्रशासन माइक्रो कंटेन्मेंट की बात कह रहा है।जिसकी धज्जियां उड़ाते हुए यहां कंटेन्मेंट करने आई टीम ने सिर्फ एक पॉजिटिव मरीज के लिए करीब 250 लोगों को कैद जैसा कर दिया है।मामला जिला चिकित्सालय के पीछे यश विहार कॉलोनी शिवाजी वार्ड में है,जहाँ एक चिकित्सा कर्मी 27 मई को पॉजिटिव पाया गया।इस पर टीम पूरी कॉलोनी को ही जाली लगाकर कंटेन्मेंट कर आई।ये सिंगल रास्ता है, लोगों को तीन दिन से दूध,सब्जी,दवाई आदि के लिए मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है।कंटेन्मेंट की क्या मॉनिटरिंग हो रही वो भी समझा जा सकता है।टीम जाली लगाकर फिर इस तरफ पलटकर नहीं आई।लोगों में इस कार्यवाही को लेकर प्रशासन के खिलाफ तीखा आक्रोश है।सबसे बड़ी चिंता इन 50 परिवारों को मेडिकल आकस्मिकता की है।प्रशासन को तत्काल ही युक्तिसंगत कंटेन्मेंट करना चाहिए।सुनिए प्रभावित परिवारों की पीड़ा।

माइक्रो कंटेनमेंट जोन क्या हैं
माइक्रो कंटेनमेंट जोन उस इलाके को कहते हैं जहां हाल ही में कोविड-19 संक्रमण के कई मामले सामने आए हैं। माइक्रो कंटेनमेंट जोन एक इमारत भी हो सकती है। ऐसे स्थान की पहचान करना और पूरे इलाके के स्थान पर उसी को आइसोलेट करने से आर्थिक गतिविधियों पर भी प्रभाव नहीं पड़ता है। पूर्व में बनाए जाने वाले बड़े कंटेनमेंट जोन के साथ यह समस्या थी कि इससे पूरे क्षेत्र की गतिविधियां ठप पड़ जाती थीं। माइक्रों कंटेनमेंट जोन में ऐसा नहीं होता है।