जब अपने हुए दूर तो स्वयं सेवकों ने किया अंतिम संस्कार और अस्थि विसर्जन

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शिवम सागर,

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा संचालित संस्था सेवा भारती के माध्यम से स्वयंसेवक सागर में कई लोगों के दाह संस्कार एवं अस्थि विसर्जन हिंदू रीति रिवाज के साथ इस महामारी में देवदूत बनकर आगे आकर कार्य कर रहे हैं।

सागर। कोविड-19 वैश्विक महामारी में कोरोनावायरस मरीजों से जहां पर अपने ही लोग दूरी बनाकर चल रहे हैं वहीं दूसरी ओर सागर में निराश्रित कोरोना मरीजों के निधन पर ऐसे लोगों का निधन होना जिनका समाज में कोई रिश्तेदार नहीं है। है तो सागर से भी बहुत दूर है। तब ऐसे निराश्रित लोगों के दाह संस्कार का संकट आता है। दाह संस्कार अपने वैदिक हिंदू रीति रिवाज से हो जिससे लोगों की आत्मा को शांति मिले। ऐसा ही कार्य कोरोना की दूसरी लहर में सागर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा संचालित सेवा भारती के स्वयंसेवकों द्वारा लगातार किया जा रहा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों द्वारा अभी तक 10 निराश्रित लोगों का जिनका निधन हुआ था सूचना मिलने पर उनके घर पहुंच कर स्वयं सेवकों ने कोरोना योद्धा के रूप में आगे आकर उनका वैदिक हिंदू रीति रिवाज से अंतिम संस्कार किया गया। सागर की प्रसिद्ध कवित्री सुश्री वर्षा सिंह का दाह संस्कार के साथ ही उनकी अस्थि संचय कर अस्थि विसर्जन करने जैसा पुण्य कार्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों द्वारा इस महामारी में किया गया।

इस संबंध में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा संचालित सेवा भारती के स्वयंसेवक श्री लाल सिंह चढ़ार ने बताया कि इस कोरोना की दूसरी लहर में सागर में ऐसे संक्रमित निराश्रित मरीजों जिनका सागर में कोई नहीं था उनके दाह संस्कार एवं अस्थि संचय के साथ ही अस्थि विसर्जन वैदिक हिंदू रीति रिवाज से लगातार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सागर की प्रसिद्ध कवियत्री सुश्री वर्षा सिंह का निधन भी कोरोना के संक्रमण से हुआ सागर की प्रसिद्ध कवियत्री सुश्री वर्षा सिंह की एक बहन है उस समय वह भी कोरोना संक्रमित थी ऐसी स्थिति में उनके दाह संस्कार के साथ ही अस्थि संचय कर अस्थियों का विसर्जन वैदिक हिंदू रीति रिवाज से मेहर नदी में हम सभी स्वयंसेवकों ने जाकर किया राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक श्री रामकेश चौबे ने बताया कि अभी तक सागर के सभी नरयावली नाका मुक्तिधाम गोपालगंज मुक्तिधाम दीनदयाल नगर मकरोनिया मुक्तिधाम के साथ ही सदर कपूरिया मुक्तिधाम में लगभग 10 लोगों का दाह संस्कार हिंदू रीति रिवाज के साथ किया गया कपिल स्वामी एवं रविंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि सागर की प्रसिद्ध कवियत्री सुश्री वर्षा सिंह का दाह संस्कार भी पूरी हिंदू रीति रिवाज के साथ ही उनकी अस्थियों का संचय कर अस्थियों को पूरे हिंदू रीति रिवाज से मैहर नदी में हम सभी स्वयंसेवकों ने पहुंचकर विसर्जन किया anurag viswkarma amit khteek kamlesh प्रजापति ने बताया कि जिन निराश्रित लोगों के अभी तक दाह संस्कार किए गए हैं ऐसे मृतक लोगों के दाह संस्कार करने में जब समाज के लोग आएंगे नहीं आती उस परिस्थिति में हम सभी लोगों ने आएंगे आकर ऐसे निराश्रित लोगों का वैदिक हिंदू रीति रिवाज के साथ दाह संस्कार किया पुष्पा Jain वर्णी कॉलोनी सागर की प्रसिद्ध कवियत्री डॉक्टर वर्षा सिंह मनोरमा कॉलोनी अनुज मिश्रा मकरोनिया यशोदा बाई kori सदर शशि श्रीवास्तव मनोरमा कॉलोनी नेहा राजपूत मनोरमा कॉलोनी भरत सोनी लक्ष्मीपुरा वार्ड आदित्य श्रीवास्तव मनोरमा कॉलोनी वीना कपूर बाईसा मोहल्ला और एक अन्य निराश्रित व्यक्ति कितने दिन पर का हम सभी स्वयंसेवकों ने पूरे हिंदू रीति-रिवाज से दाह संस्कार किया वास्तव में जहां कोरोना का नाम सुनकर लोगों में दहशत है कोरोना से मृत लोगों के अपने सगे संबंधी रिश्तेदार आगे नहीं आते हैं वही इस वैश्विक महामारी में जान की परवाह किए बिना देवदूत बनकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक आएंगे आकर लगातार ऐसे निराश्रित लोगों का वैदिक हिंदू रीति-रिवाज से दाह संस्कार कर वास्तव में समाज में अपने आप में सेवा भाव भी मिसाल स्थापित कर रहे हैं। इस महामारी में सेवा भाव से कार्य करने वाले लोगों की जितनी प्रशंसा की जाए कम है