1980 में फर्जी दस्तावेजो पर भर्ती हुए वेकोलि की पाथाखेड़ा की कोयला खदान में काम करने वाले दो दर्जन से अधिक कामगार की सेवानिवृति बनी जांच का विषय 

Scn news india
रामकिशोर पवार 
पाथाखेड़ा,  खुर्ली भर्ती के समय बैतूल जिले के मूल रहवासी के नाम और पते पर बैतूल जिला रोजगार कार्यालय द्वारा वर्ष 1980 में जनरल मजदूर के पदो पर भर्ती होने वाले यूपी बिहार के दो दर्जन से अधिक कामगार इस वर्ष दिसम्बर 2021 में  सेवानिवृत होने वाले है। इन्ही सेवानिवृत कामगारो को सेवानिवृति 31 दिसम्बर 2021 को बिना किसी रोक – टोक के मिल जाएगी ऐसा लगता नहीं है।
हाल ही में वेकोलि के एक कामगार प्रहलाद राजपूत
खदान का टोकन नम्बर – 0546
खदान में पद – टेण्डल जमादार आयकर  
पेनकार्ड धारक क्रमांक –   PAN CARD NO. AAXPR9892C  
स्टेट बैंक पाथाखेड़ा में खाता क्रमांक – BANK ACOUNT NO. SBI PKD 10913712010
वेकोलि कामगार प्रहलाद सिंह पिता राम स्वरूप सिंह के द्वारा खदान में भर्ती के समय प्रस्तुत दस्तावेजो का वर्तमान के दस्तावेजो से मेल नही खाते है। हाल ही में बिहार के ग्राम / मौजा पहाड़पुर थाना अमनोर जिला सारण बिहार के मूल निवासी स्व. नथनी सिंह के तीन पुत्र  स्व.  रामचरण सिंह, राम प्रवेश सिंह , एवं भोला सिंह है। भोला सिंह अपने ग्राम पहाड़पुर में ही निवास करत थे। भोला सिंह के 5 लड़के है जिसमे स्वर्गीय विश्वनाथ सिंह, भूवनेश्वर सिंह, किसना सिंह, दीप नारायण सिंह (दीपू ), राम नारायण सिंह एवं सुरेश सिंह है।                                                                                       

नथनी सिंह की वंश बेल
हाल ही में बिहार के ग्राम / मौजा पहाड़पुर थाना अमनोर जिला सारण बिहार के मूल निवासी स्व. नथनी सिंह के तीन पुत्र  
स्व. रामचरण सिंह, राम प्रवेश सिंह , एवं भोला सिंह है।
स्व. भोला सिंह अपने ग्राम पहाड़पुर में ही निवास करत थे। स्व. भोला सिंह के 5 लड़के है जिसमे
स्वर्गीय विश्वनाथ सिंह, भूवनेश्वर सिंह, किसना सिंह, दीप नारायण सिंह
(दीपू ), राम नारायण सिंह एवं सुरेश सिंह है।

11 जनवरी 1962 को बिहार के ग्राम पहाड़पुर में जन्मे दीप नारायण सिंह का विवाह लालसा देवी से हुआ।
दीप नारायण सिंह एवं श्रीमति लालसा देवी के परिवार में
 मकान नम्बर 283 वार्ड क्रमांक 18 भगत नगर , शिव मंदिर के पास पाथाखेड़ा जिला बैतूल में जन्मे पुत्र
गणेश सिंंह, अभिषेक सिंह है।
दोनो पुत्रो का विवाह अपने मूल ग्राम पहाड़पुर में ही हुआ। सबसे छोटे बेटे अभिेषेक का विवाह स्वर्गीय किशोरी सिंह की सुपौत्री कुमारी पूजा सिंह सुपुत्री सुनिल सिंह एवं श्रीमति निशा सिंह के साथ ग्राम तितिरा पोस्ट सोनहो दिनांक 30 नवम्बर 2020 में हुआ। उस वैवाहिक पत्रिका में अभिषेक के पिता का नीम दीपू सिंह लिखा है।
जबकि गणेश सिंह की शादी की पत्रिका में दीप नारायण सिंह दीपू है।
दोनो ही वैवाहिक पत्रिका में सुपौत्र स्वर्गीय भोला सिंह लिखा है।
2 नवम्बर 2016 को एम भूमि के खरीदी – बिक्री पत्रक में
श्रीमति लालसा देवी पति दीप नारायण सिंह ने देवन्ती देवी पति स्व. प्रभु सिंह मौजा पहाड़पुर  परगना मकेर  थाना अमनोर कल्याण , जिला सारण बिहार में एक जमीन खरीदी है।

प्रहलाद का पिता कौन ?
भोला सिंह या रामस्वरूप सिंह

पाथाखेड़ा की तवा टू में काम करने वाले कामगार प्रहलाद पिता रामस्वरूप सिंह वर्तमान में मकान नम्बर 283 वार्ड क्रमांक 18 भगत नगर , शिव मंदिर के पास पाथाखेड़ा जिला बैतूल में निवासरत है। 1 जनवरी 1962 को जन्मे प्रहलाद के पिता का नाम सर्विस रिकार्ड मे राम स्वरूप सिंह दर्ज है। उनका पता पहाड़पुर  अमनूर जिला छपरा  राज्य बिहार दर्ज है।  31 दिसम्बर को 62 साल के होने वाले पहलाद पिता रामस्वरूप सिंह के बारे में जब ग्राम पंचायत पहाड़पुर से सूचना का अधिकार कानून के तहत जानकारी प्राप्त की गई तो पंचायत सचिव ने लिखित में जानकारी उपलब्ध करवाते हुए बताया कि प्रहलाद पिता रामस्वरूप सिंह जाति राजपूत जन्म दिनांक 11 जनवरी 1962 को जन्मा कोई भी इस नाम उम्र का व्यक्ति इस गांव में नहीं रहता है। ग्राम पंचायत के दस्तावेजो में दर्ज न हो सकी एक अन्य जानकारी के अनुसार स्व. भोला सिंह का पुत्र दीप नारायण सिंह जो कि बेतूल जिले की पाथरखेड़ा की कोयला खदान में काम करता है उसका परिवार मकान नम्बर 283 वार्ड क्रमांक 18 भगत नगर , शिव मंदिर के पास पाथाखेड़ा जिला बैतूल में  रहता है। स्वर्गीय भोला सिंह की गांव में चल अचल संपत्ति में दीप नारायण सिंह का नाम दर्ज है इस कारण गांव की मकान दर्ज एवं जगगणना में इस व्यक्ति का नाम का उल्लेख पेज क्रमांक 22/ 1178 पर दर्ज है।
 1977 से 1984 तक बैतूल जिले के लोगो के नाम पर भर्ती हो गए यूपी बिहार के लोग

हजार पांच हजार में एनसीडीसी  पाथरखेड़ा की कोयला खदानो में होती जाती थी बहाली
बैतूल जिले में जब एनसीडीसी की कोयला खदानो को शुरू किया गया था उस समय कोयला खदानो में काम करने से स्थानीय लोग डरते थे लेकिन वर्ष 1977 के बाद से पाथाखेड़ा की कोयला खदानो की ओर लोगो का झुकाव बढ़ा और जिला रोजगार कार्यालय बैतूल के पंजीयन पर स्थानीय लोगो को प्राथमिकता के साथ खदानो में भर्ती करना शुरू किया। बाहर के राज्यों के लोगो की कोयला खदानो मे ंजब भर्ती पर पूरी तरह से रोक लगी तब पाथाखेड़ा के कुछ हाजरी बाबू और एम टी के माइनींग सरदारो एवं खदान प्रबंधको ने ऐसे स्थानीय लोगो के नाम पर पोस्ट आफिस पाथाखेड़ा के माध्यम से आने वाले रोजगार कार्यालय के काल लेटरो को चुरा कर उन लोगो के नाम पर यूपी बिहार के लोगो को बड़ी संख्या मे लोडर जनरल मजूदर ,केरियर और अन्य पदो पर भर्ती करना शुरू कर दिया। उस समय सिर्फ हजार – पांच हजार में कोयला खदानो में नौकरी आसानी से मिल जाती थी। इस दौर में कई लोग एक दुसरे के नाम जाति एवं मूल निवास के फर्जी दस्तावेजो के आधार पर भर्ती हो गए। जब उनकी सेवानिवृति का समय आने लगा तो उस समय भर्ती कार्ड पर जो पता लिखा था वहां से लोगो के लेटर वापस आने लगे तो वेकोलि ने अपने कामगारो को अपना पता सुधारने का एक मौका दिया जिसमे ंलोगो ने अपना अता और पता ठीक करवा लिया लेकिन लोग चाह कर भी कोयला खदान में भर्ती के समय अपना जो नाम पिता का नाम लिखा था ?वह सुधार नहीं सके और उसी नाम और पिता के नाम पर काम करते रहे।

प्रहलाद – रामस्वरूप जैसे कई
नाम एक पिता अनेक ……….

बैतूल जिले की कोयला खदानो में ऐसे नामो की संख्या दो चार पांच नहीं बल्कि हजारो में है  जिनके नाम और पिता का नाम आज भी मेल नहीं खाते है। प्रहलाद राम स्वरूप उन्ही में से एक है जिसके पिता एक नहीं दो है जो उसके द्वारा प्रस्तुत रिकार्ड में दर्ज है। जानकार सूत्रो के अनुसार पाथाखेड़ा के बीएमएस एवं भारतीय जनता पार्टी के नेता सुदामा सिंह के बारे में जानकारी यह है कि उनका मूल नाम माधो सिंह है तथा वे किसी सुदामा के नाम परी भर्ती हुए बाद में सुदामा सिंह ने अपने गांव की पांचची और आठवी की परीक्षा में अपना नाम सुदामा सिंह लिखवा कर आठवी पास की अंक सूचि अपने सर्विस रिकार्ड में सत्यापित करवाई। जानकार सूत्र बताते है कि सबसे अधिक लोग नरही के भर्ती हुए है जो उस समय के हाजरी बाबू एवं इंटक महामंत्री बेचनराम के द्वारा भर्ती करवाए गए थे।  

लड़े तो फूटे भांडे
बैतूल जिले मे बिहार के लोगो का फर्जीवाड़ा बिहारी नेताओं के आपसी मनमुटाव के कारण उजागर हुआ। जिन लोगो को भर्ती करवाया गया था उल्टे – सीधे तरीके से अब उन लोगो की जान आफत में पड़ गई है क्योकि भर्ती होने वाला और भर्ती करवाने वाला दोनो के अलावा तीसरा कोई नहीं जानता था दोनो के पेट के पाप को लेकिन जब पेट के पाप ने लात मारनी शुरू की तो पेट का पाप बाहर आकर झलक गया। पाथाखेड़ा के अधिकांश कोयला मजदूर नेताओ का जाति एवं निवास प्रमाण पत्र की आड़ में किया गया फर्जीवाड़ा ….
नोट -इस लेख /समाचार से एससीएन न्यूज का कोई लेना देना नहीं है।