जिले के प्रभारी एवं किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री कमल पटेल ने कलेक्टर के साथ की जिले में कोरोना प्रबंधन की समीक्षा

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घर-घर सर्वे कर संक्रमित लोगों की तलाश की जाए
संक्रमण के लक्षण दिखने पर लोग छिपाएं ना, अपितु उपचार कराएं
जनता कफ्र्यू का सख्ती से पालन करवाया जाए
जिले के प्रभारी एवं किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री कमल पटेल ने कलेक्टर के साथ की जिले में कोरोना प्रबंधन की समीक्षा
जिला अस्पताल एवं संजीवनी अस्पताल में कोविड उपचार व्यवस्था का किया निरीक्षण

भरत साहू 

बैतूल-जिले के प्रभारी एवं किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री कमल पटेल ने बुधवार को जिले में कोरोना प्रबंधन की कलेक्टर एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जिले के अस्पतालों में उपचार व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि घर-घर सर्वे कर संक्रमित लोगों की तलाश की जाए एवं उनको उचित उपचार दिया जाए। आमजन से भी अपेक्षा है कि वे संक्रमण के लक्षण दिखने पर छिपाएं नहीं, अपितु तत्काल जांच कराएं एवं उचित उपचार कराएं। श्री पटेल ने कहा कि जनता कफ्र्यू का सख्ती से पालन कराया जाए, ताकि कोरोना संक्रमण की चैन टूट सके। उन्होंने जिले में ऑक्सीजन एवं दवाइयों की उपलब्धता की भी जानकारी ली। इस दौरान विधायक आमला डॉ. योगेश पण्डाग्रे, कलेक्टर श्री अमनबीर सिंह बैंस, पुलिस अधीक्षक सुश्री सिमाला प्रसाद, जिला भाजपा अध्यक्ष श्री आदित्य शुक्ला, सीईओ जिला पंचायत श्री एमएल त्यागी, अपर कलेक्टर श्री जेपी सचान सहित जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद थे।

जिले के प्रभारी एवं किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री कमल पटेल ने कहा कि जिले में ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही दवाइयां एवं आवश्यक इंजेक्शन भी हमेशा उपलब्ध रहें, ताकि किसी भी मरीज को कोई भी असुविधा न हो। जिन लोगों को क्वारंटाइन अथवा आइसोलेट किया जा रहा है उनके खान-पान के भी उचित प्रबंध रहे। जिले की अस्पतालों की व्यवस्थाएं ऐसी हों, जिनसे मरीजों को उपचार में संतुष्टि मिले। इस दौरान उन्होंने जिला अस्पताल एवं संजीवनी अस्पताल का निरीक्षण कर यहां उपचार व्यवस्थाओं की जानकारी ली। साथ ही जिला अस्पताल के कोविड केयर सेंटर की व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने चिकित्सकों से उपचार व्यवस्था की जानकारी ली। साथ ही मरीजों की कुशल-क्षेम भी पूछीं।
प्रभारी मंत्री की समीक्षा बैठक में बताया गया कि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में 650 कंटेन्मेंट बनाए गए हैं, इसी तरह नगरीय क्षेत्रों में 921 कंटेन्मेंट क्षेत्रों की व्यवस्था की गई है।

जिला मुख्यालय में जिला चिकित्सालय, जिला आयुर्वेदिक अस्पताल, कोविड केयर सेंटर हमलापुर सहित जिले के नौ विकासखण्डों में कोविड केयर सेंटर निर्मित किए जाकर कोविड संक्रमित एवं संदिग्ध व्यक्तियों का समुचित उपचार किया जा रहा है। जिला मुख्यालय पर जिला चिकित्सालय, जिला आयुर्वेदिक अस्पताल एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सेहरा में फीवर क्लीनिक संचालित है। जिले में ऑक्सीजन की उपलब्धता निर्बाध रूप से सुनिश्चित की जा रही है। वर्तमान में ऑक्सीजन की कमी नहीं है। जिले के शासकीय अस्पतालों में 539 एवं निजी अस्पतालों में 374 इस तरह कुल 913 बेड की व्यवस्था की गई है। जिले में कोविड संक्रमित अथवा संदिग्ध मरीजों के लिए दवाइयों की उपलब्धता निर्बाध रूप से की जा रही है। वर्तमान में दवाइयां समुचित मात्रा में उपलब्ध हैं।

जिला मुख्यालय सहित सभी विकासखण्डों में कंट्रोल रूम संचालित हैं, जहां से क्वारंटाइन एवं आइसोलेट व्यक्तियों से सतत संपर्क कर जानकारी प्राप्त की जा रही है एवं उन्हें उचित परामर्श दिया जा रहा है। संक्रमित मरीजों की कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग का कार्य भी समूचे जिले में प्रभावी ढंग से किया जा रहा है। जिला अधिकारियों को ग्रामपंचायत वार ड्यूटी सौंपी गई है। वे सतत भ्रमण कर ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड नियंत्रण के प्रयास कर रहे हैं तथा लोगों को आवश्यक समझाईश दे रहे हैं। इसी तरह नगरीय क्षेत्रों में भी पर्यवेक्षण की पुख्ता व्यवस्था की गई है। जिले में सोशल डिस्टेंसिंग एवं मास्क के उपयोग के लिए भी लोगों को सतत प्रेरित किया जा रहा है तथा आवश्यकतानुसार स्पॉट फाइन भी किए जा रहे हैं।

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