उपनगरीय बोडखी में बेकरी संचालक की रिपोर्ट पाजिटिव आने के बाद भी पुत्र दे रहा था सामान

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दिलीप पाल 
तहसीलदार ने की दुकान सील लगाया दुकान पर कोविड का बैनर

14 दिन के लिए दुकान नही खोलने ओर कोरोनटाइन को कहा

आमला. वैश्विक महामारी में भी लोग लाहपरवाह बने हुए जहाँ रोजाना सेकड़ो की तादाद में कोरोना के पाजीटिव मरीज सामने आ रहे है वही प्रशासन भी आम लोगो को जागरूक करने का पूरा प्रयास कर रहा है लेकिन उसके बाद भी लोग जागरूक नही हो रहे है वही लाहपरवाह बने हुए जिसके कारण कोरोना की चेन को तोड़ने में प्रशासन विफल होता जा रहा है लेकिन कुछ भी हो प्रशासन का इस ओर सख्त रवैया देखा जा रहा है जैसे जैसे प्रसाशन को जानकारी लग रही है तत्काल ही कार्यवाही की जा रही है इसके बाद भी कोरोना पाजिटिव मरीज के परिजन घर से बाहर निकल रहे है वही बोडखी क्षेत्र में विगत दिनों एक व्यक्ति की कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद भी उसके परिजन घर में कोरोनाटाइन नहीं हो रहे हैं बार-बार घर से निकल कर अपना काम निपटा रहे है ऐसे में उनकी लाहपरवाह भारी पड़ सकती है वही वार्ड के लोगो को जानकारी होने के बाद भी कोई इसकी जानकारी तक प्रशासन को नही दे रहा है ऐसे में कोरोना महामारी की चपेट में बोडखी क्षेत्र का एक महोल्ला आ सकता है क्योंकि कोरोना पाजिटिव मरीज के परिजन घर से बहार निकल रहे है और लोगो से मिल रहे है ।

कोरोना पाजिटिव आने के बाद भी व्यापारी का पुत्र दे रहा था दुकान का सामान

उपनगरीय बोडखी में बेकरी संचालक की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद भी बेकरी संचालक का पुत्र बेकरी से सामान की बिक्री किए जा रहा था जिसको लेकर आस-पास के लोगो ने इसकी शिकायत तहसीलदार नीरज कालमेघ को दूरभाष के माध्यम से कर करवाई की जाने की मांग की तहसीलदार नीरज कालमेघ ने शाम साढ़े सात बजे अचानक गुरुनानक बेकरी बोडखी में पहुचकर दूकान के पीछे के रास्ते से बेकरी के संचालक के पुत्र को बेकरी बंद करने को कहा और 14 दिनों के लिए पुत्र को भी कोरोनटाईन होने के आदेश दिए लेकिन उसके बाद भी बेकरी संचालक के पुत्र द्वारा ग्राहकों को समान पीछे के रास्ते से दिया जा रहा है इसके कारण कोरोना से लोग ओर भी संक्रमित हो सकते है लेकिन इस ओर बेकरी संचालक के पुत्र द्वारा घोर लाहपरवाही की जा रही है इसके कारण आने-जाने वाले लोग भी संक्रमित हो सकते है ।