कोरोना महामारी में आर्थिक मददगार बनी ‘बैंक सखी’ प्रेमलता आर्य

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अलकेश साहू 
बैतूल-जिले के विकासखण्ड भैंसदेही के ग्राम झल्लार निवासी श्रीमती प्रेमलता संतोष आर्य इस कोरोना काल में ग्रामीण लोगों की आर्थिक मददगार बन रही है। प्रेमलता वर्ष 2020 में आजीविका मिशन अंतर्गत स्व सहायता समूह से जुड़ी थीं। उन्होंने 12वीं तक पढ़ाई की है। स्व सहायता समूह से जुडऩे के पूर्व प्रेमलता खेतीबाड़ी के काम में अपने पति का हाथ बटाती थीं। जिससे उनके घर की आय सीमित थी। आजीविका मिशन के माध्यम से प्रेमलता को वर्ष 2020 में बीसी सखी का प्रशिक्षण प्रदाय कराया गया। बीसी सखी का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद प्रेमलता को आजीविका मिशन के सहयोग से सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखा झल्लार के माध्यम से ग्राम केरपानी का बीसी सखी नियुक्त किया गया।


प्रेमलता द्वारा केरपानी एवं आस-पास के ग्राम के लोगों को घर-घर में जाकर जरूरत अनुसार राशि का आहरण एवं वितरण कराना, वृद्वजनों की पेंशन घर पर पहुंचकर प्रदाय करना, बचत खाते खुलवाना, आधार सीडिंग में सहयोग इत्यादि कार्य किये जाने शुरू किये गये, जिसके एवज में उन्हें बैंक कमीशन के रूप में हर माह लगभग 8 से 9 हजार रूपये की आमदनी होने लगी।
अपै्रल 2021 में जिले में कोरोना संक्रमण के दौरान जिले में कोरोना कफ्र्यू लगा दिया गया, जिससे लोगों को बाहर एवं बैंक तक आने-जाने में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। इस स्थिति को देखते हुए प्रेमलता द्वारा अपने ग्राम में ही लोगों को घर-घर जाकर राशि का आहरण एवं वितरण का कार्य सफलतापूर्वक किया जा रहा है। साथ ही साथ वह लोगों को कोविड महामारी से बचने की सलाह भी दे रही हैं जिससे लोगों में जागरूकता आ रही है।
वर्तमान में केरपानी एवं आसपास के गांव के लोगों को उनके गांव में ही प्रेमलता के माध्यम से बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। कोरोना काल में प्रेमलता द्वारा प्रतिदिन 50 हजार से लेकर एक लाख रूपये तक का ट्रांजेक्शन कर करीब 300 से 350 लोगों को बैंकिंग सुविधा मुहैया कराई जा रही है।