ग्राम पंचायत देवरी गढ़ी में नल जल योजना चालू ना होने से पानी की हो रही किल्लत

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देवेन्द्रनगर  से रविकांत चतुर्वेदी की रिपोर्ट 

यहाँ तक कि सरपँच पति भी पीने के पानी को दूसरी जगह से लाते देखे गए वीडियो में

पीएचई विभाग और ग्राम पंचायती राज के भंवर में फंसे ग्रामीण बन रहे घनचक्कर

देवेन्द्रनगर – बुंदेली विधा में लिखी एक कहावत है कि गघरी न फूटे चाहे खसम रुठ जाए घड़ा तेरा पानी गजब कर जाए अब यह कहाबत पन्ना में चरितार्थ होती नजर आ रही है अप्रैल माह शुरू होते ही गर्मी अपने विकराल स्वरूप में आ गई है। इसका सीधा असर क्षेत्र में पानी के जलस्तर पर देखने को मिल रहा है। प्रकृति तो अपना खेल दिखा ही रही हैं, पीएचई विभाग के अधिकारी भी काम में लापरवाही की शैली छोडऩे को राजी नहीं दिख रहे हैं। एक तरफ मध्य प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान बंगाल को मध्यप्रदेश का मॉडल बनाने की बात कर रहे हैं मगर उनके मध्य प्रदेश में कई ऐसे ग्राम है जो बूंद बूंद पानी के लिए मोहताज हैं।  दरअसल पन्ना जनपद के ग्राम पंचायत देवरी गढ़ी में सरकार ने लाखों रुपए खर्च कर ग्राम में नल जल योजना स्वीकृत कर ग्राम वासियों को पानी की समस्या से निजात दिलाने के लिए कार्य करवाया मगर पीएचई विभाग के द्वारा आज दिनांक तक नल जल योजना को कंप्लीट नहीं किया और ना ही ग्राम पंचायत को हैंड ओवर जिससे ग्राम वासियों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ा है और दूषित पानी पीने से ग्रामवासी बीमारी से दो-चार हो रहे हैं पानी की समस्या को लेकर ग्राम वासियों ने कई बार जिम्मेदारों से गुहार लगाई।

जिम्मेदार जनप्रतिनिधि अधिकारी और पीएचई विभाग है कि शिकायतों को पेटी में डालकर चैन की बंसी बजाने में मस्त हैं। और ग्राम में ग्रामीण पानी से पस्त जब पानी की समस्या को लेकर सरपंच महोदय से बात की गई तो जिम्मेदार सरपंच ने नल जल योजना हैंड ओवर ना होने की बात कहकर ठिकरा पीएचई विभाग पर फोड़ अपनी जिम्मेदारी निभाने की बजाय मामले से पल्ला झाड़ लिया मगर पीएचई और पंचायती राज की लड़ाई में ग्रामीण घनचक्कर बनकर पिस रहे हैं।