बैंक खाते में जमा पैसों की एफ.डी. बनाकर फ्रॉड से बचाव के लिए राज्‍य सायबर पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

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मनोहर

भोपाल, 7 अप्रैल 2021/ अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक राज्‍य सायबर श्री योगेश चौधरी ने एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि एक नए सनसनीखेज घटनाक्रम में सायबर अपराधियों द्वारा बैंक के ग्राहकों के इंटरनेट बैंकिंग एप की जानकारी को इस्तेमाल कर पैसा ठगना पाया गया है। किसी माध्यम से Login ID और पासवर्ड प्राप्त कर उनके द्वारा अकांउट में से कुछ राशि की e-TDR/ फिक्स डिपाजिट कर दी जाती है। इस प्रक्रिया में OTP की आवश्यकता नहीं होती। इसमें आपके बैंक खाते से रुपये कट कर एक नया एफडी खाता बन जाता है और Balance में उतने रुपये कम दिखाई देते हैं। FD के बनने से संबंधित एसएमएस आपके मोबाइल नम्बर पर प्राप्त होता है जिसमें (e-IDR/e-STOR) के साथ एफडी की राशि का उल्लेख होता है। जिसे पढने पर ऐसा प्रतीत होता है कि आपके खाते से उक्त राशि निकाल ली गयी है। इसी संदर्भ में ठगों द्वारा फोन कॉल पर बैंककर्मी बनकर खाते संबंधी Details बताते हैं, जिससे आपको विश्वास हो जाता है कि वह बैंककर्मी ही हैं। फिर ऐसा कहते हैं कि, डेबिट रोकने के लिए आपको आगे प्रोसेस करके पैसा रुकवाना होगा। फिर रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर पर आये ओटीपी को पूछते हैं, और जैसे ही आप अपना ओटीपी बताते हैं, आपके खाते से शेषराशि धोखाधडी पूर्वक निकाल ली जाती है। इस संबंध में एस.बी.आई ने भी ग्राहकों के लिए अलर्ट जारी किया है।

श्री चौधरी ने कहा कि बैंक स्टेटमेंट में E-TDR/E-STDR (ELECTRONIC TERM DEPOSIT /ELECTRONIC SPECIAL TERM DEPOSIT) के रुप में Debit हुई राशि असल में Debit नहीं होती है, और खाते में ही रहती है। e-TDR/e-STDR का मतलब होता है राशि FD के रुप में आपके बैंक अकाउंट में सुरक्षित है। किसी भी हाल में OTP, cw. Expiry Date तथा Date of Birth की जानकारी Share ना करें। सदैव बैंक से प्राप्त होने वाले मैसेज को ठीक से पढ़े, समझ न आने पर किसी जानकार व्यक्ति या बैंक जाकर बैंक अधिकारियों की मदद लें, क्योंकि खाते की राशि को Fixed Deposit (TDR/STDR) करने के लिये OTP की आवश्यकता नहीं होती इसी कारण ठगी करने वाला आपकी इंटरनेट बैंकिंग को एक्सेस कर राशि की FD बना देते हैं, जो बैंक स्टेटमेंट में भी Debit दिखाता है। यदि आप ऑनलाइन बैंकिंग उपयोग करते हैं तो समय-समय पर उसका पासवर्ड बदलते रहें। अपने पासवर्ड को मन में याद रखें किसी के साथ साझा न करें न ही उसे कहीं लिख कर रखें। कभी भी किसी भी प्रकार के ओटीपी को किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें। क्योंकि कोई भी बैंक आपसे आपका ओटीपी नहीं पूछता। साथ ही किसी भी प्रकार के अन्जान मेल अथवा मैसेज पर प्राप्त लिंक पर विश्वास न करें, और न ही ऐसी लिंक के माध्यम से खुले वेब पेजों पर अपनी निजी व बैंक अकाउंट संबंधी जानकारी डालें। यदि आपके साथ ऐसा कोई अपराध या ठगी होती है तो तुरंत पुलिस थाने जाकर या ऑनलाइन www.cybercrime.gov.in या Toll Free नम्बर 155260 पर शिकायत दर्ज करें।