3 अप्रैल को 10 राज्यों में हीटवेव का अलर्ट, सामान्य से ऊपर रह सकता है तापमान

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मनोहर

गर्मियों के संबंध में यह आईएमडी का दूसरा पूर्वानुमान है. इससे पहले उसने इस महीने की शुरुआत में मार्च से मई के लिए पूर्वानुमान जारी किया था.
नई दिल्ली. मौसम विभाग (IMD) ने कहा कि लू का सामना कर रहे उत्तर भारत के मैदानी इलाकों को अगले दो दिन में कुछ राहत मिलेगी क्योंकि तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आने की संभावना है. हालांकि IMD ने कहा कि यह राहत कुछ समय के लिए ही होगी और मैदानी इलाकों में तीन अप्रैल से फिर लू चलने की आशंका है.
पिछले चार-पांच दिन में देश के कई हिस्सों में, खासकर राजस्थान में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है. राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार को ‘भीषण’ लू चली क्योंकि तापमान 40.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया जिससे 76 साल में मार्च का यह सबसे गर्म दिन साबित हुआ.
पाकिस्तान से भी गर्मी स्थानांतरित हुई- IMD
भारत मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि गुजरात से हरियाणा तक क्षेत्रों के बीच दबाव भिन्नता रही. इसके अलावा राजस्थान से भी गर्मी स्थानांतरित हुई जो पहले से ही लू का सामना कर रहा था. मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं लू विशेषज्ञ नरेश कुमार ने कहा कि पाकिस्तान से भी गर्मी स्थानांतरित हुई और पाकिस्तान के एक मौसम केंद्र में इसी अवधि में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
कुमार ने कहा कि एक पश्चिमी विक्षोभ भी था, लेकिन यह मैदानी इलाकों में नमी लेकर नहीं आया, इसलिए तापमान में वृद्धि हुई. मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कहा है कि उत्तर प्रदेश , बिहार ,झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, पुडुचेरी, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान में 3 अप्रैल के दिन लू चल सकती है.
अप्रैल से जून तक दिन का तापमान सामान्य से अधिक रहने का अनुमान: आईएमडी
इसके साथ ही आईएमडी ने गर्मियों से संबंधित अपने पूर्वानुमान में कहा है कि उत्तर और पूर्वी भारत में अप्रैल से जून तक दिन का तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है. आईएमडी ने कहा कि दक्षिण भारत के अधिकतर हिस्सों, पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों, पूर्वोत्तर आदि क्षेत्रों में अधिकतम तापमान के सामान्य स्तर से कम रहने का अनुमान है.
मौसम विज्ञान विभाग ने कहा, ‘आगामी गर्मियों के मौसम (अप्रैल से जून) में, उत्तर, उत्तर-पश्चिम के अधिकांश हिस्सों और पूर्व मध्य भारत के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान के सामान्य से ऊपर रहने का अनुमान है.’ देश के कई हिस्सों में मार्च महीने में ही अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला गया.
आईएमडी ने यह भी कहा कि अभी भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में मध्यम ला नीना की स्थिति है और समुद्र की सतह का तापमान (एसएसटी) मध्य और पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में सामान्य से नीचे है. निकाय ने कहा कि ताजा पूर्वानुमान आने वाले मौसम में एसएसटी बढ़ने का संकेत देते हैं.