मप्र राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम के नाम सौंपा 17 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन शीघ्र मांगे पूरी नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी

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दिलीप पाल 
आमला। मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर कर्मचारियों की विभिन्न मांगों का शीघ्र निराकरण किये जाने की मांग की है। ज्ञापन में बताया कि मध्यप्रदेश में कार्यरत समस्त कर्मचारियों ने वैश्विक महामारी कोरोना से सरकार के साथ पूर्ण सहयोग देते हुए अपने आर्थिक मामलों में पूर्ण धैर्य रखा। साथ ही कई कोरोना योद्धा शहीद हो गये। आज भी कोरोना की इस लड़ाई में मध्यप्रदेश का प्रत्येक कर्मचारी सरकार के साथ है। कर्मचारी संघ के चरणसिंह उइके, विजय मानेकर, संजय सोनी ने बताया कि शासकीय कर्मचारियों की रोकी गई वार्षिक वेतनवृद्धि अब तक प्रारंभ नहीं की गई है। एरियर सहित भुगतान किया भी नहीं हुआ है। केन्द्र के समान डी.ए. (महंगाई भत्ता), शिक्षा विभाग में शिक्षकों को वेतनमान एवं योग्यता के अनुसार पदनाम प्रदान करने, समस्त विभागों में लंबित अनुकंपा नियुक्ति में आवेदकों की शीघ्र नियुक्ति, विभागों में कर्मचारियों को पदोन्नति प्रदान करने, पदोन्नति की प्रत्याशा में पुलिस विभाग में प्रदान किये जा रहे पदनाम को सभी विभागों में लागू करने और 30 जून को सेवानिवृत्त हो रहे कर्मचारियों को जुलाई की एक वेतनवृद्धि प्रदान कर सेवानिवृत्त किया जावे, उक्त निर्णय उच्चतम न्यायालय द्वारा भी दिया गया है। नेत्र चिकित्सा सहायक का पद नाम परिवर्तन कर ऑप्थेल्मिक ऑफिसर करने और ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारियों को सर्वेयर के समान वेतनमान देने, स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत ड्रेसर, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता, पुरूष स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं अन्य की वेतन विसंगति दूर करने सहित अन्य मांगे कर्मचारी संघ द्वारा ज्ञापन के माध्यम से की गई है। यदि शीघ्र ही कर्मचारी संघ की मांगों पर ध्यान नहीं दिया जाता है तो कोरोना की गाइडलाईन का पालन करते हुये कर्मचारी संघ चरणबद्ध आंदोलन करेगा। इस अवसर पर रामेश्वर चौरे, प्रवीण भावसार, उदेभान कुमरे, संदीप कारे, योगेन्द्र दवंडे, रामेश्वर यदुवंशी, प्रवीण नागले सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
कर्मचारी संघ की यह भी है मांगे –
(1) शासन के आदेशानुसार विभिन्न विभागों में कार्यरत संविदा कर्मचारियों को 90 प्रतिशत वेतनमान देकर लाभान्वित किया जावे तथा नियमितिकरण किया जावे।
(2) विभिन्न विभागों में व्याप्त वेतन विसंगतियों को समाप्त किया जावे तथा अग्रवाल वेतन आयोग की शेष अनुशंसाओं को लागू किया जावे।
(3) अध्यापक संवर्ग के रूके हुए क्रमोन्नति आदेश जारी किये जावे।
(4) पंचायत, शिक्षा विभाग सहित सभी विभागों में अंशदायी पेंशन के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना लागू का जावे।
(5) विभिन्न विभागों में कार्यरत स्थाई कर्मियों को विभाग के रिक्त तृतीय/चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियमित किया जावे।
(6) निर्माण विभागों में निचले पदों पर कार्यरत डिग्री/डिप्लोमाधारी नियमित एवं कार्यभारित कर्मचारियों को
उपयंत्री के पद पर पदोन्नत किया जावे।
(7) माननीय उच्च न्यायालय एवं उच्चतम न्यायालय द्वारा नियमित वेतनभोगी/स्थाई कर्मियों को नियमित किये जाने के आदेश देकर उन्हें नियमित वेतनमान/वार्षिक वेतनवृद्धि व अन्य लाभ प्रदान किये जावे।