सांसद ने सदन में उठाया सारनी का मुद्दा

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मनोहर

बैतूल – बैतूल हरदा  संसदीय क्षेत्र के सांसद दुर्गादास उईके ने  विधुत नगरी सारनी के सतपुड़ा बाँध में पनप रही जलकुम्भी और ख़त्म हो रहे सतपुड़ा जलाशय के अस्तित्व पर चिंता जाहिर करते हुए जलाशय को इसके प्रकोप से मुक्त कराने हेतु संवेदनशील  मुद्दे को  लोकसभा में उठा सदन और जल मंत्रालय का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया तथा इसके निपटारे हेतु विशेष पैकेज की मांग की।      उन्होंने सदन को बताया कि  सारनी सतपुड़ा जलाशय  जो 3 हजार एकड़ में निर्मित है , जिस पर 13 हजार मेगावाट विधुत उत्पादन क्षमता के थर्मल पावर संयत्र संचालित है। वही मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लि . एवं वेस्टर्न कोल फोल्ड लिमिटेड के लगभग 50 हजार वर्कर्स की कालोनी के आलावा  सारनी नगर की 1 लाख की आबादी को जलापूर्ति की जाती है , जिस पर 600 मछुवारों के  परिवार का भी जीवन निर्भर करता है और जो आसपास के लगभग 100 गाँवों के  जलस्तर को बनाये रखने में महत्वपूर्ण भूमिका है।  आज उसका अस्तित्व खतरे में है। जलकुम्भी के प्रकोप से पूरी तरह ढक गया है। वहीँ मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लि . बजट के आभाव में जलाशय की सफाई में असमर्थता व्यक्त कर रही है। ऐसी स्थिति में पर्यावरण प्रेमी भारत भारती आवासीय विद्यालय के प्रमुख  मोहन नागर एवं विभिन्न समाज सेवी संस्थाए व्  धार्मिक संस्थाए एवं नगर में जागरूक प्रबुद्ध नागरिकों द्वारा श्रमदान कर जलकुम्भी खर पतवार को सफाई लगातार श्रमदान के माध्यम से की जा रही है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष के माध्यम से केंद्रीय जल मंत्रालय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से जलाशय की सफाई हेतु ठोस उपाय किये जाने की मांग की है।

 

बैतूल भाजपा जिला मंत्री रंजीत सिंह ने बताया की बैतूल जिले के लोकप्रिय सांसद श्री डी डी उईके द्वारा  लगातार क्षेत्र के विकास हेतु प्रयासरत है एवं क्षेत्र की समस्या से निजात दिलाने हेतु  सदैव चिंतित  है। उन्होंने  जल संरक्षण की दिशा में अतिसंवेदनशील होते जा रहे सारनी सतपुड़ा जलाशय  के मुद्दे को सदन में रखने पर समस्त नागरिकों की ओर से आभार व्यक्त किया है।

प्रति रविवार हो रहा श्रमदान

सारनी के सतपुड़ा बाँध में पनप रही जलकुम्भी लगातार जलाशय को ढक जल प्रदूषित कर रही है तो वही जल ज़ीव जंतुओं के लिए भी खतरा साबित हो रही है। यदि जल्द ही इसके खात्मे के लिए उपर्युक्त कदम नहीं उठाये जाते तो जलाशय का अस्तित्व भी खतरे में आ जाएगा।  जिस समस्या को देखते हुए पर्यावरण प्रेमी भारत भारती आवासीय विद्यालय के प्रमुख  मोहन नागर ने जलाशय की सफाई का अभियान चलाया है। प्रति रविवार नगर की जागरूक जनता इस कार्य में श्रमदान दे कर 30 से 35 ट्राली खरपतवार निकालने का कार्य कर रही है जो सतत जारी है।