कोरोना गाइडलाइन का नहीं हो रहा पालन बिना मास्क घूम रहे लोग, सोशल डिस्टेंसिंग भी भले

Scn news india


दिलीप पाल आमला 
आमला। कोरोना संक्रमण को लेकर स्थानीय प्रशासन सख्त नहीं है। बाजारों में नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। सार्वजनिक कार्यक्रम चल रहे है। इनमें भी नियमों अनदेखी हो रही है। इससे क्षेत्र में कोरोना संक्रमण दोबारा फैलने लगा है। प्रतिदिन कोरोना मरीज मिल रहे है। बढ़ती संक्रमण की गति को देखते हुए सरकार ने गाइड लाइन जारी कर कोरोना नियमों के पालन के निर्देश दिए। जिला कलेक्टर ने भी सरकार से मिली गाइड लाइन का पालन कराने के लिए सभी अधिकारियों को निर्देश दिए है। लेकिन इनका पालन कराने की जिन अधिकारियों को जिम्मेदारी दी है, वहीं बेपरवाह बने हुए है। शहर के प्रमुख बाजारों में भीड़भाड़ लग रही है। न शारीरिक दूरी का पालन और न ही मास्क का उपयोग होता दिखाई दे रहा है। दुकानों पर सैनिटाइजर और हाथ धोने की व्यवस्था भी नहीं है। लोगों की मनमानी और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही पर आने वाले दिनों में संक्रमण कहीं भारी न पड़ जाए।
साप्ताहिक बाजार में ज्यादा लापरवाही – नगर के साप्ताहिक बाजारों में कोरोना महामारी को लेकर सबसे ज्यादा लापरवाही देखी जा रही है। साप्ताहिक बाजारों में न तो दुकानदार मास्क लगाकर व्यवसाय कर रहे है और न ही ग्राहक मास्क लगा रहे है। जबकि क्षेत्र के इन साप्ताहिक बाजारों में सबसे ज्यादा भीड़ रहती है। इन बाजारों में क्षेत्र के अलावा अन्य स्थानों से आने वाले व्यापारी भी अपनी दुकाने लगाकर व्यवसाय करते है। ऐसे में इनमें कोई संक्रमित रहा तो वह कितने लोगों को संक्रमित करेगा, कहां नहीं जा सकता। लेकिन इसके बाद भी स्थानीय प्रशासन लापरवाह बना हुआ है।
सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं – साप्ताहिक बाजारों के अलावा नगर की दुकानों में भी कोरोना को लेकर लापरवाही बरती जा रही है। दुकानों में आने वाले ग्राहकों के हाथ धोने की व्यवस्था की गई है और न ही पूर्वार्थ की तरह सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने गोले बनाये गये है। दुकानों पर सामान खरीदते समय लोग दो गज दूरी का भी पालन नहीं करते। खासबात यह है कि दुकानदारों ने भी मास्क का उपयोग करना बंद कर दिया है।
आमजन भी होते जा रहे लापरवाह – कोरोना को लेकर बरती जा रही लापरवाही का ही परिणाम है कि क्षेत्र में भी कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ते जा रही है। इसके पीछे आमजनों की लापरवाही भी एक तरह से जिम्मेदार है जो कोरोना गाइडलाइनों की अनदेखी कर स्वयं, परिवार और दूसरों की जान खतरे में डाल रहे है। यह जरूर है कि प्रशासन द्वारा मास्क की अनिवार्यता और सोशल डिस्टेंसिंग के पालन कराने को लेकर समय-समय पर चालानी कार्रवाही की जा रही है, लेकिन लोगों की लापरवाही के सामने यह कार्रवाही शून्य के बराबर नजर आ रही है।