हेल्प लाइन नंबर से नहीं मिली माकूल मदद तो खुद हाथ में लिया कानून

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संवादाता -सुनील यादव मुड़वारा कटनी

ट्रेन में सफर दौरान होने वाली छेड छाड़ की वारदातों को रोकने के लिए भले ही केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा कितनी भी हेल्पलाइन चालू कर रखी हो, लेकिन जरूरत के वक़्त इनसे माकूल मदद नहीं मिलती। लेकिन ऐसी ही एक परिस्थिति में पीड़िता और उसके परिजनों को खुद कानून को अपने हाथ में लेना पड़ा। यह मामला कटनी स्टेशन का है। जिसका वीडियो तो सोशल मीडिया तक जा पहुंचा है। लेकिन आरपीएफ और जीआरपी को इसकी भनक तक नहीं है और ना ही दोनों थानों के प्रभारी इस पर अपनी जबान खोल रहे हैं।

यह घटना दो दिन पुरानी बताई जा रही है। जहां कटनी निवासी एक युवती संघमित्रा एक्सप्रेस से बैंगलोर से कटनी आ रही थी। ट्रेन के चलते ही ट्रेन में सवार 4 युवकों ने पहले तो युवती पर भद्दे कमेंट करने शुरू कर दिए और फिर ये मनचले छेड़ छाड़ पर उतर आए।

युवती ने इसकी जानकारी अपने परिजनों को दी तथा उनकी सलाह पर हेल्प लाइन नंबर में शिकायत की। शिकायत पर आरपीएफ के जवान अगले स्टेशन पर ट्रेन में पहुंचे जरूर लेकिन मामूली समझाइश देकर व मनचलों की सीट बदलवाकर चले गए। उनके जाते ही वो मनचलों ने दोबारा अपनी हरकत शुरू कर दी।

जिसके बाद युवती ने धेर्य वी साहस से काम लिया तथा ट्रेन के कटनी पहुंचते ही इन मनचलों को पीड़िता और परिजनों ने ट्रेन से उतार कर जमकर पीटा। हैरत की बात यह कि स्टेशन में इतना सब होता रहा पर ना तो आरपीएफ को भनक लगी ना ही जीआरपी को। और मनचलों की धुनाई का यह वीडियो सोशल मीडिया में जा पहुंचा। पीड़िता अब जहां बदनामी के डर से शिकायत ना करने की बात कह रही है, तो वहीं आरपीएफ व जीआरपी के अधिकारी मुंह में ताला लगाए हुए बैठे हैं।

 

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