कक्षा 5वीं और 8वीं की परीक्षा बोर्ड पैटर्न से कराने का निर्णय

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मनोहर

छिंदवाड़ा – राज्य शासन द्वारा कक्षा 5वीं और 8वीं की परीक्षा बोर्ड पैटर्न से कराने का निर्णय लिया गया है। इस निर्णय के परिप्रेक्ष्य में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सह जिला परियोजना संचालक सर्व शिक्षा अभियान श्री गजेंद्र सिंग नागेश द्वारा जिले के सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों और सभी जनपद शिक्षा केन्द्रों के विकासखंड स्रोत समन्वयकों को कक्षा 5वीं और 8वीं के बच्चों को बेहतर परीक्षा परिणाम देने के लिये आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सह जिला परियोजना संचालक सर्व शिक्षा अभियान श्री नागेश ने बताया कि कक्षा 5 और कक्षा 8 की परीक्षा बोर्ड पैटर्न के आधार पर होगी जिसमें उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन दूसरे जिले में किया जायेगा तथा जिन संस्थाओं का परीक्षा परिणाम खराब रहेगा, उन संस्थाओं के संस्था प्रधान और शिक्षकों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने निर्देश दिये है कि सभी प्रधान पाठक और शिक्षक कक्षा 5वीं व 8वीं की परीक्षा को गंभीरता से लेकर कार्यवाही सुनिश्चित करें एवं तिमाही परीक्षा के आधार पर विश्लेषण कर कार्य योजना तैयार कर शिक्षण कार्य करायें। इस संदर्भ में राज्य शासन द्वारा जारी अपील सभी संबंधित पालकों को वितरित कर उन्हें अवगत करायें। ग्राम पंचायतों में ग्राम सभाओं में यह अवगत कराये कि जो बच्चा 33 प्रतिशत अंक प्राप्त नहीं कर पायेगा, उसे इस बार अनुत्तीर्ण किया जायेगा। उन्होंने निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित करें कि बच्चों को श्रुतलेख/शुद्धलेखन कराया जाये, क्योंकि कुछ बच्चे अभी भी पढ़ नहीं पा रहे है एवं लिखने में भी समस्या आ रही है, इसलिये लिखने के साथ ही बोलकर भी बच्चों से लिखवाया जाये। परीक्षा की तैयारी के लिये अभ्यास प्रश्न बैंक एवं सैंपल पेपर के आधार पर प्रश्न छात्रों की कॉपियों में लिखकर उनके जवाब लिखवाये जाये। हर सप्ताह उनके टेस्ट का आयोजन किया जाये। कक्षा 5वीं एवं 8वीं में उपस्थिति शत-प्रतिशत हो इसका विशेष ध्यान रखा जाये। सभी बच्चों को लेखन का अभ्यास भी कराया जाये।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सह जिला परियोजना संचालक सर्व शिक्षा अभियान श्री नागेश ने निर्देश दिये है कि शालाओं के निरीक्षण के दौरान यह सुनिश्चित करें कि इन शालाओं में राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा दिये गये प्रश्न बैंक एवं सैंपल पेपर उपलब्ध हो एवं इनके आधार पर अभ्यास प्रश्न अनिवार्य रूप से हल कराये। सपोर्ट मॉड्यूल में अंग्रेजी मॉड्यूल का ध्यान रखे। यदि निरीक्षण के दौरान ये मॉड्यूल संस्था में नहीं पाये जाते है, तो संस्था प्रमुख पर कार्यवाही की जायेगी। संस्था प्रमुख बच्चों के बेहतर परीक्षा परिणाम के लिये कार्य योजना तैयार करें। उन्होंने बताया कि विगत वर्षानुसार इस वर्ष भी प्रतिभा पर्व का आयोजन 12 से 14 दिसंबर को होगा। इस बार बाल सभा के आयोजन के लिये प्रति संस्था एक हजार रूपये की राशि प्रदाय की गई है जिसका सदुपयोग करें। प्रतिभा पर्व में कक्षा 3, 5 व 8 की हिन्दी और गणित में बहुविकल्पीय प्रश्न के आधार पर 40-40 प्रश्न होंगे। इसके अलावा प्रत्येक विषय में लघु उत्तरीय, दीर्घ उत्तरीय प्रश्न को भी शामिल किया गया है। इसमें उर्दू, मराठी और इंग्लिश मीडियम के प्रश्नपत्र भी उपलब्ध कराये जायेंगे। दक्षता उन्नयन के अंतर्गत बूस्टर डोज का कार्यक्रम अभी भी जारी रहेगा जिसमें गणित और हिन्दी विषय के एक-एक कालखंड रहेंगे। जिन संस्थाओं के बच्चों ने अपनी दक्षता प्राप्त नहीं की है, उसमें प्राथमिक स्तर पर अंकुर और तरूण समूह एवं माध्यमिक स्तर पर अंकुर, तरूण और उमंग समूह के अनुरूप कक्षाओं का संचालन होता रहेगा।

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