महाराष्ट्र से आये सैकड़ों मजदूर, न स्क्रीनिंग, न जांच प्रशासन की लापरवाही पड़ सकती है भारी

Scn news india

दिलीप पाल आमला 
आमला। जिले में महाराष्ट्र के सैकड़ों मजदूरी चोरी-छिपे क्षेत्र में प्रवेश कर रहे है। जिससे कोरोना का खतरा और बढ़ गया है। वैसे ही पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में कोरोना मरीजों के मिलने का सिलसिला जारी है और लगातार कोरोना मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। ऐसे में प्रशासन द्वारा महाराष्ट्र से आने वाले मजदूरों की निगरानी तक नहीं की जा रही है। एक जानकारी के मुताबिक महाराष्ट्र से पिछले कुछ दिनों में हजारों मजदूरों का आमला क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों में प्रवेश हुआ है। ग्राम बोरी के पास भी सैकड़ों मजदूर टपरिया बनाकर रह रहे है। इन मजदूरों के भी महाराष्ट्र से आने की खबर है, लेकिन तहसीलदार, बीएमओ द्वारा अब तक इन मजदूरों की न तो जानकारी ली गई और न ही इनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया है। इससे ग्रामीणों में कोरोना फैलने का भय बना हुआ है। ग्राम बोरी के भाजपा उपाध्यक्ष लखन यादव ने बताया कि चंद दिनों पहले ही सैकड़ों मजदूर महराष्ट्र प्रांत के विभिन्न शहरों से ग्राम बोरी के पास आये है जो खानाबदोसी की तरह रह रहे है। इन मजदूरों का न तो स्वास्थ्य परीक्षण हुआ है और न ही तहसीलदार, बीएमओ ने इनकी जानकारी ली है। इससे कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है।
बेकाबू हो सकते है हालात – वर्तमान में महाराष्ट्र में बढ़ते कोरोना मरीजों के चलते मजदूर वर्ग वापस लौट रहे है। श्री यादव का कहना है कि ऐसे मजदूरों का न तो स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है और न ही प्रशासन को इनकी जानकारी मिल रही है। ऐसे में इन मजदूरों में कोरोना संक्रमित रहा और ये मजदूर अन्य लोगों के सम्पर्क में आये तो ब्लाक में हालात बेकाबू हो सकते है। श्री यादव ने कहा कि कोरोना को लेकर जिला प्रशासन और यहां तक कि प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी महाराष्ट्र को लेकर सचेत कर चुके है, लेकिन स्थानीय प्रशासन द्वारा लापरवाही बरती जा रही है। जिससे कोरोना का खतरा बढ़ गया है।
इनका कहना है –
महाराष्ट्र से आमला ब्लाक में मजदूरों आने की जानकारी मिली है। आज ही मजदूरों के स्वास्थ्य का परीक्षण कराया जायेगा। – नीरज कालमेघ, तहसीलदार, आमला।