पिच्छी केवल संयमी व्यक्ति ही ले पाता है-विरंजन सागर, पिच्छ परिवर्तन,वेदिका एवं शिखर शिलान्यास के साथ हुआ समापन अंतिम दिन निकाली रथयात्रा

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प्रद्युमन फौजदार  
बडामलहरा/पिच्छी के पांच गुण होते हैं पिच्छी संयम का प्रतीक होती है। पिच्छी लेने का अधिकार केवल संयमी को होता है।उक्त उद्गार मुनि श्री विरंजन सागर ने नगर के द्रोणागिरी भवन में आयोजित पिच्छी परिवर्तन,त्रिवेदिका एवं शिखर शिलान्यास के पावन अवसर पर धर्मसभा को संबोधित करते हुये व्यक्त किये। मुनि श्री ने कहा कि पिच्छी वजन में हल्की होती है लेकिन इसको ग्रहण करनेे वाला आत्मबल वाला होता है।पिच्छी परिवर्तन के साथ ही चातुर्मास का समापन हो गया।मुनि श्री ने कहा कि चातुर्मास के दौरान मैंने कुछ लोगों को डांटा भी है इस दौरान आप लोगों को जो भी खराब लगा हो वह यहीं छोड़कर जाएं एवं जो अच्छा लगा हो उसे अपने साथ लेकर जाना सभी से क्षमा सभी को क्षमा।

इस दौरान शिलान्यास सभा को भी संबोधित करते हुये मुनिश्री ने कहा कि आज मंदिर जी के शिखर एवं वेदिका का शिलान्यास तो हो ही रहा है यह आपके जीवन का भी शिलान्यास है।यहां की समाज को चाहिए कि वह केवल क्रियाकांड में न उलझकर स्वाध्याय जैसे महत्वपूर्ण कार्य को अपना आत्मकल्याण का मार्ग प्रशस्त करे।आयोजन समिति के प्रचार संयोजक अभय जैन एवं नितिन चौधरी ने जानकारी में बताया कि समवशरण विधान समापन पश्चात श्रीजी की विशाल शोभायात्रा नगर में निकाली गई जो पंचायती मंदिर से शुरू होकर पाटन-सूरजपुरा जिनालय होकर नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुये फौजदार मंदिर एवं चंद्रप्रभु जिनालय होकर पुन: द्रोणागिरी भवन में पहुंचकर धर्मसभा में तब्दील हो गई जहां श्रीजी का 1008 कलशों से अभिषेक किया गया।शोभायात्रा में सबसे आगे समाज के उपमंत्री कमल जैन सपत्नीक हाथी पर सवार थे तो ठीक पीछे राजस्थान की बैंड़ पार्टी नृत्यगान करते हुये चल रही थी तो उसके ठीक पीछे युवतियां और महिलाएं हाथों धर्मध्वजा थामें चल रहीं थीं उनके ठीक पीछे युवा वर्ग मुनिसंघ के साथ घेरा बनाकर चल रहे थे।

उनके पीछे बोलियां लेकर परिवारों के साथ लोग बग्गियों पर सवार थे तो सबसे पीछे समवशरण विधान पात्रों सौधर्म इंद्र शील डेवडिया, शचि इंद्राणी मंजुला डेवडिया सहित समस्त इंद्र- इंद्राणियां श्रीजी को विराजमान करके चल रहे थे जिसका जगह -जगह पांवडे बिछाकर स्वागत समाज द्वारा तो किया ही ज रहा था वैश्य महासम्मेलन के गिरधारी लाल असाटी एवं हरिअसाटी भगवां ने भव्य स्वागत करते हुये द्रव्य के पैकेट भेंट किये।

इस मौके पर महेश एवं मयंक डेवडिया परिवार ने मुख्यवेदी तथा भागचंद्र जैन,खुशाल जैन,कैलाश जैन परिवार ने एक वेदी का तथा एक वेदी का शील डेवडिया एवं पवन डेवडिया ने शिलान्यास किया।कार्यक्रम में वरिष्ठ भाजपा नेता डा.रमेश असाटी, महिला कांग्रेस की सेवादल अध्यक्ष दीप्ती पांडेय,समाज के मंत्री राजेन्द्र जैन मंडी, कमल सूरजपुरा विनोद सड़वा शील चंद्र पनवारी भाग चंद्र जैन,प्रमोद जैन गट्टू, माणिकचंद जैन गुल्ली दिलीप चौधरी महेंद्र जैन मंटू जैन सूरजपुरा सुशील मोदी रवि बजाज निबंध अरजन जडेजा ऋषभ जैन आचार्य आनंद पाटनी हर्ष सिंघई समूचा जैन समाज शामिल रहा।

 

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