रेत माफिया को संरक्षण और किसानों को धमकी ,बीरा नायब तहसीलदार पर लगे गंभीर आरोप, प्रभारी मंत्री तक पहुंचा मामला

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मोहम्मद आज़ाद
अजयगढ़। आम नागरिकों को सस्ती दर पर आसानी से रेत उपलब्ध कराते हुए स्थानीय बेरोजगारों को क्षेत्र में ही रोजगार उपलब्ध करवाने की सरकार की मंशा पर पानी फेरते हुए ग्राम पंचायत की रेत खदानों में अधिकारियों और नताओं के संरक्षण में माफिया द्वारा प्रतिबंधित मषीनों के माध्यम से अवैध रेत उत्खनन व परिवहन किया जा रहा है। जिससे स्थानीय लोागों को भी रेत की कई गुनी कीमत चुकाने सहित लोगों को काम भी नशीब नहीं हो रहा, अजयगढ़ क्षेत्र की जीवदायिनी केन नदी पर ग्राम पंचायत जिगनी व कटर्रा में नेताओं व अधिकारियो के संरक्षण में रेत माफिया खुलेआम तांडव मचा रहा है। यहां प्रतिबंधित दैत्याकार एलएनटी, पोकलेन, लिफटर व जेसीबी मशीनों से नदी की धारा को रोक कर पानी के अंदर से रेत निकाल कर उत्तरप्रदेश की ओर भेजी जा रही है। पंचायत की रेत खदानों की आड़ में दर्जनों अवैध खदानें संचालित की जा रही हैं। सुविधा शुल्क लेकर आधिकारियों और कमीषन लेकर नेताओं द्वारा रेत माफिया को खुली छूट दी जा रही है। जो केन नदी का सीना दिन-रात छलनी करने में जुटे हैं।


बाईपास व सतना रोड से गुजरता है ओवरलोड डंफरों का रेला
वर्तमान में अवैध रेत उत्खनन व परिवहन जोरों पर है केन नदी की बहती धारा से रेत निकालकर डंफरों में लोड की जाती है इस समय ओवरलोड की सारी सामाएं तोड कर सड़कों को चकना चूर किया जा रहा है अजयगढ़ क्षेत्र से निकलने वाली रेत के ओवरलोड डंफर पन्ना डाकखाना चैराहा से बाईपास रोड और नेषनल हाइवे 39 में आसानी से देखा जा सकता है। जिसे कोई रोकने और टोकने वाला नजर नहीं आता खनिज अधिकारी, एसडीएम, तहसीलदार, सभी की आंखे नोटो की पट्टी से ढकी हुई हैं। नदियां और सड़के तबाह हो रही हैं, क्षेत्र का जल स्तर लगातार घट रहा है बीते साल की तरह इस साल भी बूंद-बूंद पानी के लिए त्राहिमान मचने के आसार दिख रहे हैं।


किसानों को धमकी देने पहुंचे नायब तहसीलदार व अवैध रेत कारोबारी
किसानों की फसलें रौंदी जा रही हैं। रोकने पर रेत माफिया और उन्हें संरक्षण देने वाले कुछ लालची अधिकारियों द्वारा भी किसानों को धमकियां दी जा रही हैं। विगत 1 दिसंबर 2019 को जिंगनी में कुछ किसानों व कांग्रेस यूथ पदाधिकारी राज बहादुर द्वारा जब किसानों की फसलें रौंदने वाले डंफरों को मना करने पर खुद को मंत्री का करीबी बताने वाला एक अवैध रेत कारोबारी नायब तहसीलदार बीरा मंडल को साथ लेकर किसानों को खुलेआम धमकी देने पहुंच गया। इस समय सुर्खियों में चर्चित बीरा मंडल के तहसीलदार भी माफियाओं की हिमायत कर किसानों पर दबाव बनाते छुट्टी के दिन भी देखे गए। अवैध रेत उत्खनन व परिवहन के मामले को लेकर ग्रामीणों ओर रेत कारोबारियों के बीच आए दिन विवाद की स्तिथि बन रही है। इसी मामले में जब ब्लॉक काॅग्रेस अध्यक्ष राकेस गर्ग, उपाध्यक्ष हाकिम सिंह बुंदेला, नगर अध्यक्ष मोहम्मद अबरार खान जिंगनी पहुंचे तो नदियों में धड़ल्ले से मशीनों से रेत निकाली जा रही थी किसानों से फसलों व रेत के अवैध उत्खनन को लेकर चर्चा की जिसमे किसानों ने बताया कि नायब तहसीलदार सामने खड़े हैं। बताया जाता है कि पास में ही नायब तहसीलदार खड़े थे जो इन्हें देखते ही रेत कारोबारियों की गाड़ी में बैठ कर रफूचक्कर हो गए मामले में कितनी सच्चाई है जांच का विषय है। रेत का अवैध कारोबार जोरों पर चल रहा है। जिसमें नायब तहसीलदार उमेश तिवारी की संलिप्तता की सिकायत जिले के कई अधिकारियों सहित प्रभारी मंत्री से भी की गई है। प्रभारी मंत्री को सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार नायब तहसीलदार रेत माफियाओं को संरक्षण देते हुए रात में रेत माफियाओं से बसूली करने में लगे रहते हैं और तहसील कार्यालय में कभी कभार ही नजर आते हैं। एसडीएम द्वारा कई बार नोटिस जारी किया जिसका इनके द्वारा जवाब भी नहीं दिया जाता।

इनका कहना है-
♦मेरे संज्ञान में नही है नायब तहसीलदार से चर्चा कर कलेक्टर साहब के संज्ञान में लाऊंगा और नियम अनुसार कार्यवाही करूंगा, और जिलों की अपेक्षा अपने यहां अवैध उत्खनन में कमी आई है। अवैध उत्खनन की जानकारी मिलते ही कार्यवाही की जाती है।
सुरेश कुमार गुप्ता, एसडीएम अजयगढ,

♦मैं कुछ दिनों के लिए कलेक्टर साहब के साथ गया था इस लिए कार्यालय में उपस्थित नहीं रह सका, अजयगढ़ क्षेत्र में पुलिस के संरक्षण में अवैध रेत उत्खनन व परिवहन का कारोबार चल रहा है, जिसे मैं रोकने की कोसिस में लगा हूं।
उमेश तिवारी, नायब तहसीलदार बीरा मण्डल,

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