कलेक्टर-कमिश्नर्स कॉन्फ्रेंस का द्वितीय सत्र

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मनोहर

भोपाल-मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि रोजगार दिलवाने के लिए जिला स्तर पर संचालित अभियान में रस्म अदायगी नहीं चलेगी। युवाओं को रोजगार दिलाना सरकार का टास्क भी है और जिम्मेदारी भी। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों द्वारा संचालित रोजगार तथा स्व-रोजगार योजनाओं और बैंकों को सम्मलित करते हुए जिला स्तर पर कार्य-योजना विकसित की जाये। स्किल गैप स्टडी करवाकर रोजगार मेलों के माध्यम से प्रतिमाह प्रदेश में एक लाख युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जाये। इसकी व्यवस्था और समन्वय के लिए राज्य स्तर पर एजेंसी गठित करे, जिसकी प्रतिमाह मेरे द्वारा समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने यह निर्देश कलेक्टर-कमिश्नर्स कॉन्फ्रेंस के द्वितीय सत्र में दिये।

301 रोजगार मेले हुए आयोजित

वीडियो कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी गई कि जनवरी, फरवरी 2021 में 301 रोजगार मेलो का आयोजन किया गया। प्रदेश में 33 हजार 948 युवाओं को रोजगार और 1 लाख 60 हजार 942 आवेदकों को स्व-रोजगार से जोड़ा गया। रोजगार और स्व-रोजगार योजनाओं में इंदौर, सतना, राजगढ़, विदिशा और धार का प्रदर्शन बेहतर रहा। जबकि बड़वानी, रायसेन, होशंगाबाद, रतलाम और शहडोल जिलो को परफामेंस सुधारने के निर्देश दिये गये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अधिकारियों द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के लिए भेजे गए आकडों और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान प्रस्तुत आकड़ों में भिन्नता होने पर अप्रसन्नता व्यक्त की।

थर्ड पार्टी वेरिफिकेशन आवश्यक

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि घटिया सामग्री या कार्य की गुणवत्ता में कमी के कारण कोई भी नल जल योजना असफल नहीं होनी चाहिए। जल जीवन मिशन तथा अटल भू-जल योजना में चल रहे कार्यों पर ग्राम स्तरीय समितियाँ निगरानी रखे। सभी ग्राम पंचायतों में जन अभियान परिषद के माध्यम से जागरूकता अभियान, समुदाय की भागीदारी और डाटा कलेक्शन की कार्रवाई आरंभ की जाये। गुणवत्ता के लिए थर्ड पार्टी वेरीफिकेशन के निर्देश भी दिए गए।

कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि बुरहानपुर और निवाड़ी में मार्च माह के अंत तक जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर में नल से जल पहुँचाने का लक्ष्य है। बुरहानपुर में 31 मार्च से पूर्व ही यह लक्ष्य प्राप्त कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि संपूर्ण जिले के सभी घरों को नल से जल देना बड़ी उपलब्धि होगी। इसका आरंभ उत्साह और उल्लास पूर्वक किया जायेगा।

मिलावट से मुक्ती अभियान

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मिलावट से मुक्ति अभियान में विशेष कर ग्रीष्म ऋतु में दूध से बनी सामग्री पर विशेष ध्यान दिया जाये। खाद्य पदार्थों में मिलावट मानव जीवन से खिलवाड़ है। ऐसे मामलों में कडाई से कार्रवाई की जाये।

कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि अभियान के अंतर्गत 10 हजार 176 सैम्पल लिये गये। न्यायालय में 965 प्रकरण दर्ज है। कुल 255 व्यक्तियों पर एफआइआर और 32 एनएसए की कार्रवाई की गई है। अभियान के अंतर्गत 9.25 करोड़ रूपये की सामग्री जप्त की गई और 1.83 करोड़ रूपये का अर्थदण्ड वसूला गया। इसके साथ ही मिलावट करने वाले 7 प्रतिष्ठान तोड़े गये तथा 128 प्रतिष्ठान सील किये गये है। मिलावटी सामग्री की जांच के लिए 3 नई प्रयोग शालाएँ बनी है और निजी लैब का सहयोग भी लिया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने नीमच, गुना, मुरैना, रीवा और धार में मिलावट के अधिक प्रकरण मिलने पर चिंता जाहिर की।

गौण खनिज के अवैध परिवहन में जप्त वाहनों को नीलाम करें

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि गौण खनिज के अवैध परिवहन के मामलों में अर्थदण्ड लगाना ही काफी नहीं है। इसकी शत-प्रतिशत वसूली भी सुनिश्चित की जाए। जप्त वाहनों को नीलाम कर राशि शासकीय कोष में जमा कराना सुनिश्चित करे। कॉन्फ्रेंस में ईटीपी में दिये गये समय और रूट पर नजर रखने और इसकी सतर्कता पूर्वक जाँच के निर्देश भी दिये गये।

मुख्यमंत्री स्वयं जाएंगे वनाधिकार पट्टों की वास्तविकता जानने

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वनाधिकार पट्टों के निराकरण की वास्तविकता जानने के लिए वे स्वयं कुछ जिलों का दौरा करेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पट्टों के वितरण में संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टीकोण अपनाया जाए। एसडीएम सहित वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर भेजे, निचले स्तर के अमले पर निर्भर न रहे। कॉन्फ्रेंस में मण्डला कलेक्टर द्वारा पट्टा वितरण के लिए अपनायी गई प्रक्रिया का प्रस्तुतीकरण किया गया। जिला कलेक्टरों को इस प्रक्रिया का अनुसरण करने के निर्देश भी दिये गये। बड़वानी, रतलाम, सिंगरौली और धार में निराकृत दावों का प्रतिशत अधिक रहा जबकि खरगौन, सीधी, शहडोल, उमारिया और बुरहानपुर इसमें सबसे पीछे रहे।

मातृ मृत्यु दर में कमी लाना राज्य शासन के लिए विशेष टास्क

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मातृ मृत्यु दर में कमी लाना राज्य शासन के लिए विशेष टास्क है। इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करना होगा। उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं के लिए महिला बाल विकास तथा स्वास्थ्य विभाग इस दिशा में संयुक्त रूप से कार्य करे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं प्रतिमाह इसकी समीक्षा करेंगे। पूरक पोषण आहार वितरण में कमजोर बड़वानी, बुरहानपुर एवं दमोह के अधिकारियों से स्वयं मुख्यमंत्री ने बात की और बच्चों के पोषण प्रबंधन, पोषण सरकार, पोषण वाटिका के संबंध में जानकारी ली गई। पोषण स्तर में सुधार करने वाले प्रथम पाँच जिले निवाड़ी, मुरैना, उमरिया, राजगढ़ और रायसेन तथा अंतिम पाँच जिले देवास, अशोकनगर, सागर, मंडला और आगर रहे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि बच्चों तथा महिलाओं के पोषण व स्वास्थ के संबंध में जिले वास्तविक स्थिति सामने रखें। आंकड़ों से खिलवाड़ उनके जीवन से खिलवाड़ है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मैदानी अधिकारियों की कार्य क्षमता और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए।

पानी के लिए हाहाकार न हो

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि गर्मी के मौसम में किसी बसाहट में पानी के लिए हाहाकार नहीं होना चाहिए। पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के पास पर्याप्त साधन तथा बजट उपलब्ध है। यदि किसी कारण से पानी समस्या बनता है तो वह अमले की निष्क्रियता मानी जायेगी। बताया गया स्थापित 16 हजार 389 नल-जल योजनाओं में से 15 हजार 117 कार्यरत हैं, जबकि 1272 बंद है। बंद नल-जल योजनाओं को हर हालत में चालू करवाने के निर्देश दिए गए।

कॉन्फ्रेंस में कोरोना की स्थिति तथा टीकाकरण की प्रगति की समीक्षा गई। अनूपपुर के सी.एम.एच.ओ. को बदलने के निर्देश दिए गए।

सर्वोच्च प्राथमिकता सुशासन

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सुशासन राज्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आज इंदौर कलेक्टर द्वारा किये गये बेहतर कार्यों का प्रस्तुतीकरण बैठक में हुआ। यह क्रम जारी रहेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने संभागायुक्त और पुलिस महानिरीक्षकों को निर्देश दिये कि भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगायें। ऐसे मामलों को बारीकी के साथ और गम्भीरता से लें। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक भी अपने अधीनस्थ विभागों में भ्रष्टाचार को पूरी तरह रोकें।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि लोकतंत्र में निर्वाचित जन-प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। शासकीय कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों का पूरा सहयोग लिया जाए। विधायक के साथ एस.डी.एम. स्तर पर हर तीन माह में योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करें। लोगों की समस्याओं का निराकरण पूरी मानवीय संवेदनाओं के साथ किया जाए। जनता को सुशासन देकर उनका विश्वास प्राप्त किया जाए।

मुरैना के अपर कलेक्टर पर कार्यवाही के निर्देश

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जन समस्याओं के निराकरण के लिए आये ग्रामीणों और जन-प्रतिनिधियों के साथ उचित व्यवहार नहीं करने पर मुरैना जिले के अपर कलेक्टर के प्रति अप्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने अपर कलेक्टर को स्थानान्तरित करने के निर्देश दिए।

उपार्जन

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने गेहूँ उपार्जन के लिए की गई तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि किसानों का पंजीयन का सत्यापन कार्य 12 मार्च तक पूरा कर लिया जाए। उपार्जन के बाद किसानों के बैंक खाते में तीन दिन के भीतर विक्रय राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। बैठक में बताया गया कि चना, मसूर और सरसों का उपार्जन 15 मार्च से 15 मई तक चलेगा। उपार्जन एजेंसी मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ है।

आजादी का अमृत महोत्सव

संस्कृति, पर्यटन और जनसंपर्क विभाग के प्रमुख सचिव श्री शिवशेखर शुक्ल ने बताया कि 15 अगस्त 2022 को आजादी के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं। आगामी 12 मार्च 2021 को प्रदेश के 75 स्थानों पर 75 सप्ताह तक चलने वाले आजादी के अमृत महोत्सव का शुभारंभ होगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि आजादी के अमृत महोत्सव में जन-प्रतिनिधियों का पूर्ण सहयोग लिया जाए।

सार्थक अटेण्डेंस सिस्टम

शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों की कार्यालय में उपस्थिति-अनुपस्थिति से संबंधित सार्थक अटेण्डेंस सिस्टम का प्रस्तुतीकरण किया गया।