दक्षता परिक्षण में फेल एवं 20 -50 के फार्मूले में फिट प्रभारी प्राचार्य को तत्काल प्रभाव से हटाए जाने की मांग

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अमित त्रिपाठी गुनौर तहसील ब्यूरों 

पन्ना -गुनौर  – शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने एवं  विधार्थियों के जीवन में शिक्षा का प्रकाश प्रज्ज्वलित करने शासन द्वारा चलाई जा रही उत्कृष्ट मॉडल स्कूल में कार्य करने के लिए मॉडल उत्कृष्ट परीक्षा पास होना शिक्षकों हेतु अनिवार्य है, जिस परीक्षा में अनुतीर्ण  16 शिक्षकों को हाल ही में शासन द्वारा अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे कर घर भेज दिया गया है।

वही इससे उलट ऐसे शिक्षक को शासकीय मॉडल उत्कृष्ट परीक्षा पास ना होने पर भी उत्कृष्ट विद्यालय गुनौर में रखा गया , और अब प्रभारी प्राचार्य शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गुनौर भी बना दिया गया। जबकि उनके खिलाफ कई गंभीर अनियमितता के आरोप के चलते दो से तीन बार निलंबन की कारवाही हो चुकी है , और तो और हाल ही में 12 /11 /2019  को मप्र शासन स्कुल शिक्षा विभाग द्वारा पत्र क्रमांक – 12218 /मंत्री /स्कुल शिक्षा मप्र शासन  द्वारा  उन्हें हटाने बाबत  पत्र जिला शिक्षा अधिकारी को दिया गया , लेकिन आदेश की अवहेलना कैसे होती है ये इसका जीवंत प्रमाण है। कि उन्हें हटाने के बदले उन्हें प्रमोट कर प्रभारी प्राचार्य बना दिया गया। जिसे ले कर स्थानीय लोगो  और छात्रों के अभिभावकों में रोष है। जिन्हे तत्काल हटाने की मांग की गई है।

 

मध्य प्रदेश में सबसे चर्चित विधानसभा गुनौर का सबसे चर्चित शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गुनौर कभी किसी से छिपा नहीं l
विगत वर्षो में हुए छात्रवृत्ति घोटाले से इस विद्यालय का नाम देश से लेकर प्रदेश के सभी जिलों में चर्चा का विषय रहा है
प्रदेश में सबसे ज्यादा छात्र संख्या शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गुनौर में रही है इसलिए यहां की प्रभारी प्राचार्य के पद के लिए समय-समय पर राजनैतिक दबाव आते रहे लेकिन किसी का भी ध्यान विद्यालय के विकास एवं गरीब छात्रों की ओर नहीं गया इसका सबसे बड़ा उदाहरण वर्तमान में शासन द्वारा चलाई गई पात्रता परीक्षा मॉडल. उत्कृष्ट परीक्षा अनुत्तीर्ण होने के बाद भी साथ में निलंबन और विभागीय जांच के बाद भी श्री वीरेंद्र सिंह राजपूत जी को विद्यालय में पदस्थापित किया गया है और कुछ राजनीतिक लोगों की मेहरबानी से श्रीमान को प्रभारी प्राचार्य तक का दायित्व संभालने को मिला है. अब कहां तक यहां के छात्रों और संस्था का विकास हो सकता है।

शासन द्वारा उत्कृष्ट मॉडल मैं विद्यालय में शिक्षकों की पदांकन के लिए पात्रता हेतु परीक्षा उत्तीर्ण को अनिवार्य किया गया है ,कृष्ण उत्तर माध्यमिक विद्यालय गुनौर की प्रभारी प्राचार्य वीरेंद्र सिंह राजपूत वरिष्ठ अध्यापक के द्वारा उक्त पात्रता परीक्षा उत्तरी नहीं की गई है पूर्व में इसी विद्यालय में रहती हुए संबंधित प्रभारी का तीन बार निलंबन हो चुका है।

 

जिनका आज दिनांक तक शिक्षा विभाग में संविलियन नहीं हुआ है फिर भी कुछ राजनीतिक लोगों की मेहरबानी से उक्त विवादित व्यक्ति को संस्था का प्रभार सौंप दिया गया है आप यहां की शैक्षणिक व्यवस्था का हाल क्या होगा आप यह अंदाजा स्वयं लगा सकते हैं स्थानीय लोगों एवं अभिभावकों मे उपरोक्त प्रभारी के प्रति रोष व्याप्त है माननीय प्रभारी एवं शिक्षा मंत्री मध्य प्रदेश शासन एवं कलेक्टर महोदय पन्ना ऐसे भ्रष्ट प्रभारी प्राचार्य को तत्काल प्रभाव से हटाए जाने की मांग की है l

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