जल संकटग्रस्त क्षेत्रों में प्राथमिकता से बनाई जाएं जल संरचनाएं

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खेती की कमजोर जमीन वाले क्षेत्रों में स्वाइल हेल्थ सुधार कार्य हाथ में लिए जाएं
मनरेगा से किसानों एवं मजदूरों को मिले सीधा लाभ-कलेक्टर श्री अमनबीर सिंह बैंस
बैतूल-कलेक्टर श्री अमनबीर सिंह बैंस ने कहा है कि जिले के जो क्षेत्र जल संकटग्रस्त हैं, वहां प्राथमिकता से जल संरचनाओं के निर्माण का कार्य प्रारंभ किया जाए। खेती की कमजोर जमीन वाले क्षेत्रों में स्वाइल हेल्थ सुधार के कार्य हाथ में लिए जाएं। उन्होंने कहा कि मनरेगा कार्य खोलने एवं बंद करने की रूटीन योजना न बने, बल्कि इससे किसानों एवं मजदूरों को सीधा लाभ मिले। श्री बैंस बुधवार को जिला पंचायत में आयोजित ग्रामीण विकास विभाग की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री एमएल त्यागी भी मौजूद थे।
बैठक को संबोधित करते हुए कलेक्टर ने कहा कि जिले में जहां-जहां जल संकट की स्थिति है, वहां उपयुक्त स्थान चिन्हित कर जल संरचनाओं का निर्माण किया जाए। इसके लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, जल संसाधन एवं ग्रामीण विकास विभाग की संयुक्त समिति गठित की जाती है। इन विभागों का दायित्व होगा कि वे उपयुक्त स्थानों का चयन कर वहां आवश्यक जल संरचनाओं का निर्माण करवाएं। जल संरचनाओं की गुणवत्ता अच्छी हो, इस बात पर पैनी निगरानी रखी जाए। साथ ही जल संरचनाओं का निर्माण कार्य बरसात के पूर्व पूर्ण हो जाए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों का अपना दृष्टिकोण स्पष्ट करते हुए कहा कि मनरेगा सिर्फ कार्य खोलने एवं कार्य बंद करने की रूटीन योजना न बने, बल्कि इससे स्थानीय किसानों एवं मजदूरों की आर्थिक स्थिति में सुधार आए, ऐसे कार्य संचालित किए जाएं। मनरेगा से मिलने वाले लाभ लोगों को स्पष्ट रूप से दिखें, ऐसे प्रयास हों। उन्होंने कहा कि जिले के ऐसे स्थान जहां सूखी खेती होती है अथवा खेती की जमीन कमजोर है, वहां स्वाइल हेल्थ सुधार के लिए रणनीति तैयार की जाए और इन क्षेत्रों में किसानों के हित में क्या बेहतर किया जा सकता है, उसकी तैयारी की जाए। ऐसे क्षेत्रों में किसानों को कौन-सी फसलें फायदेमंद होंगी, इस बात पर भी विचार किया जाए।
कलेक्टर ने कहा कि नदी पुनर्जीवन योजना के तहत भी कार्य किए जाने की जिले में पर्याप्त संभावनाएं हैं। इस योजना के तहत भी अच्छे प्रोजेक्ट तैयार किए जाएं और उन पर कार्य किया जाए। उन्होंने जिले में गौशालाओं की स्थिति पर चर्चा करते हुए कहा कि गौशालाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए भी सतत् कार्य किए जाने की आवश्यकता है। कलेक्टर ने इस दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना, एनआरएलएम, जलाभिषेकम्, सामुदायिक स्वच्छता कार्यक्रम एवं अन्य विकास योजनाओं की भी समीक्षा की।