नींद से जागा प्रशासन, पेट्रोल की जांच शुरु, दो दिन पहले नदी पार पेट्रोल पंप पहुंची थी जांच टीम, अब एस्सार पेट्रोल पंप पहुंची

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नवनीत गुप्ता कटनी 

कटनी जिला प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी नींद से जाग ही गए। सोशल मीडिया में पेट्रोल की गुणवत्ता को लेकर वीडियो वायरल होने के बाद आला अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया है। लिहाजा पेट्रोल पंपों की जांच शुरु कर दी गई है। कलेक्टर के निर्देशन में गठित की गई टीम में राजस्व और खाद्य विभाग के अधिकारी शामिल है।
जांच टीम में शामिल अधिकारियों द्वारा 1 मार्च को नदी पर स्थित पेट्रोल पंप जाकर पेट्रोल की जांच कर उसका सेंपल लिया था। जिसे जांच के लिए भेजा गया है। इस बीच शुक्रवार कलेक्ट्रेट रोड स्थित एक पेट्रोल पंप पहुंचकर टीम द्वारा जांच की जा रही है। वहां पर भी पेट्रोल के सेंपल लिए गए हैं और जांच के लिए उसे अनुसंधान केन्द्र भेजा जाएगा।

गौरतलब है कि जिले भर में स्थित पेट्रोल पंपों की जांच कभी-कभार या फिर शिकायत के बाद ही की जाती है, जबकि जिम्मेदार अधिकारियों को अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए हर महीने पेट्रोल की जांच करनी चाहिए। अचानक कोई वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होता है और जिम्मेदारों को उनके आला अधिकारी कर्तव्य का ज्ञान कराते हैं। टीम गठित कर जांच की जाने लगती है। जबकि यह कार्य लगातार होना चाहिए और जांच रिपोर्ट भी पेट्रोल पंप चस्पा कर सूचनात्मक जानकारी का उल्लेख होना चाहिए कि पेट्रोल पंप की जांच कब की गई थी और जांच में पेट्रोल की गुणवत्ता क्या थी। जिम्मेदार अधिकारी अपने कर्तव्य को निभाने के बदले में शासन से वेतन तो लेते हैं, लेकिन कर्तव्य तभी निभाते हैं जब कोई शिकायत की जाती है या फिर सोशल मीडिया में वीडियो वायरल होते हैं।