माँ नर्मदा जी के प्राकृतिक स्वरूप से हो रहा खेलवाड़

Scn news india

डिंडोरी गणेश शर्मा।

डिंडोरी जिले में अवैध रूप से रेत उत्खनन रुकने का नाम नही ले रहा है।जिले के पवित्र नगरी अमरकंटक से महज 20से 25 किलोमीटर की दूरी से घाट, घाट नर्मदा नदी से ठेकेदार के पी सिंह भदौरिया के द्वारा बेधड़क रेत निकलवाया जा रहा है।
मध्यप्रदेश के राजधानी से लगा बुराहनपुर से के पी सिंह भदौरिया कंपनी के नाम से फर्जी तरीके से नर्मदा नदी में टेंडर बता कर जगह जगह से रेत निकलवाया जा रहा है।वंही लोगों का कहना है कि ठेकेदार पर प्रशासन का भी सहयोग प्राप्त होता है जिस कारण ठेकेदार अपनी फूल दादागिरी से रेत का काम कर रहा है।वंही ग्रामीण लोगों का कहना है कि डिंडोरी जिले में चार ऐसे घाट है जंहा का नाम बता कर ठेकेदार द्वारा पूरे जिले मे काम कर रहा है।पर सच्चाई तो यह है जंहा का नाम ठेकेदार के द्वारा बताया जाता है उनमें से सिर्फ एक ही खदान है जो प्रशासन के ओर से बैध है बाकी का नही जैसे जिले के अमरपुर ब्लॉक अंतर्गत देवारी1 खदान में सिर्फ एक ही वैध है बाकी देवारी2,कामको मोहनिया,और नर्मदा नदी मूसा मुंडी ये सब वैध नही है पर ठेकेदार का बड़ा सेटिंग होने के कारण शासन,प्रशासन से मिली जुली कर पूरे जिले में 35,40 अपने गुर्गे बैठा कर 6से7 बेरियर लगा कर बसूली कर रहा है।
ग्रामीणों में इसका बहुत विरोध भी है कार्यवाही कुछ नही।

अभी से कुछ दिन पहले ग्रामीणों ने नर्मदा से रेत उत्खनन के विरोध में मूसामुंडी ग्राम में हजारों की संख्या में लोक जनसुनवाई भी रखा था जिसमे जिले के कुछ अधिकारी गढ़ भी उपस्थित रहे अधिकारियों के द्वारा ठेकेदार के खिलाफ कार्यवाही करने का अस्वाशन तो दिया गया है पर कब तक और क्या इस बात का कोई रता पता नही है।
वंही ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार को नीलामी में चार खदाने मिली है जिसका मूसा मुंडी का खसरा 54 में रकवा 7.000 हेक्टेयर है पर ठेकेदार तो उक्त खसरे को छोड़ पूरे जिले से अवैध रेत उत्खनन का काम कर रहा है।
खतरे में नदियों का अस्तित्व।।
मूसा मुंडी निवासी भानु सिंह ने लोक जनसुनवाई में नर्मदा नदी से छेड़ छाड़ उत्खनन के दुष्प्रभाव का भी उल्लेख किया जैसे ग्राम के नदी नाले, नल कूप तालाब में पानी का स्तर कम होते दिखाई दे रहा है।इस लिए हम इसका विरोध कर रहे हैं।
इसके अलावा भी कुछ लोगों ने ठेकेदारके पी सिंह भदौरिया के ऊपर नर्मदा नदी उत्खनन में दिए गए प्रशासनीय नियमो का भी उलंघन का आरोप किया है ठेकेदार के द्वारा ना तो पौधे लगवाया गया ना पर्यावरण जैसे तमाम नियम सरतो का ध्यान दिया जा रहा है।
बेरियर लगा कर किया जा रहा जिले में बसूली।

जनसुनवाई में पंकज दुवे के द्वारा बताया गया कि डिंडोरी जिला आदिवासी बहुल क्षेत्रों में आता है और ठेकेदार ने जगह जगह बेरियर लागये बैठा है जिसमे बिहार,उत्तरप्रदेश से 40,50 की संख्या में लड़के बैठा रखा है जो परिवहन करने वाले छोटे मोटे ट्रैक्टर गाड़ी वालो को परेशान फर्जी रियलिटी बता कर बसूली करते है।
लोक जनसुनवाई में ग्रामीणों ने यह भी कहा कि शासन प्रशासन के द्वारा यदि ठेकेदार के दखिलाफ जल्द ही कोई कार्यवाही नही हुआ तो हम सब आंदोलन करते रहेंगे और ऊपर स्तर तक कि लड़ाई लड़ते रहंगे साथ ही जनहित याचिका भी दायर करेंगे।
कुछ जनप्रतिनिधियों ने इस बात का उल्लेख किया है कि यदि ठेकेदार वैध है तो एक नंबर में रियलिटी क्यो नही दे रहा है परिवहन कर्ताओं को रियलिटी के नाम से एक टी पी नंबर दिया जाता है वो भी नाम कंही का और स्थान कंही और का।
इससे पहले प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने नमामि यात्रा चलाया था जिसमे यात्रा के दौरान नर्मदा नदी को जीवित बताया था और साथ मे नर्मदा नदी में कभी कोई भी किसी प्रकार से छेड़छाड़ न करने को घोषणा किया था और ना ही कोई अवैध उत्खनन पर यंहा कंहा सब विपरीत दिशा में हो रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि जब मुख्यमंत्री के द्वारा घोषणा किया गया था इस ठेकेदार को नर्मदा नदी का टेंडर कैसे मिला और मिला तो किन सरतो पर यह भी बड़ा चिंता का विषय है।साथ जिले में प्रशासन के मिली भगत से धीरे धीरे ठेकेदार ने कई महीनों से राज कर रहा है और इसके खिलाफ कोई कार्यवाही नही किया जा रहा है।आखिर क्यों क्या इस खेल में सरकार भी लिप्त है क्या?लोगों में बड़ी उम्मीदे है कि नर्मदा नदी हमारी माँ है और हम सबका आस्था का केंद भी है हम सब का दायित्व है कि माँ नर्मदा नदी के जल को स्वच्छ रखे और हर घाटो में बृच्छरोपन करे नदी के अच्छे फल दार पौधे लागये।पर यंहा तो उल्टा बाहरी ठेकेदार द्वारा फर्जी तरीके से अपना ताम झाम फैला कर पूरे जिले में दबंग माफिया बन कर राज कर रहा है।