अहंकार टूटेगा और जीत होगी किसानों की आंदोलन को और तेज करेंगे -कुराडिया

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नंदकिशोर लोधी की खास रिपोर्ट

💥देश के लिए लड़ रहे किसानों के साथ झूठ छल कपट और साजिश करती मोदी सरकार – सरोज बादल

💥मध्य प्रदेश किसान सभा के संयुक्त सचिव और मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष पहुंचे बाकल के निज ग्राम खमतरा में हुई किसान पंचायत

बाकल – बाकल थाना के अंतर्गत आने वाले निज ग्राम खमतरा में आज दिल्ली आंदोलन से बहोरीबंद के ग्राम खमतरा पहुंचे किसान सभा के संयुक्त सचिव सरोज बादल जी एवं मध्य प्रदेश के किसान सभा के अध्यक्ष नारायण कुरारिया जी तीनों कृषि कानून को लेकर केंद्र सरकार पर साधा निशाना
तीन कृषि कानूनों में घोटाला क्या है
संसद में भी झूठ कृषि कानूनों पर देश की संसद में हुई बहस का जवाब देते हुए कृषि मंत्री और राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के उत्तर में प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें आज तक किसी ने बताया ही नहीं कि इन कृषि कानूनों में काला क्या है जो अच्छा है वह सफेद और गोरा है और जो खराब है वह वो काला है ब्लैक है यह दोस्त पूर्ण भाषा है यह हम और दुनिया के अनेक देशों पर कब्जा करके उन पर राज करने वाले दोस्त अंग्रेजो के द्वारा दी गई रनवेदी भाषा है जो गौरव को श्रेष्ठ और कानों को निकृष्ट मानती हैं इसलिए कानूनों में काला क्या है के बजाय चर्चा घोटाला क्या है पर करना ठीक होगा
मगर सवाल यह है कि क्या कृषि मंत्री और प्रधानमंत्री को सच में किसी ने नहीं बताया कि इन कानूनों में काला या घोटाला क्या है क्या 26 नवंबर से दिल्ली की छह बॉर्डर पर जिला तापमान और दमन सहकर भी डटे बैठे लाखों किसान क्यों आंदोलन रखें यह अब तक सरकार को नहीं पता यह सरकार है या मत करे जो करो की जमात है।

💥सरोज बादल जी ने कहा कि चलिए बात करते हैं घोटालों की तो इन कानूनों को अध्यादेश के जरिए लाया जाना अध्यादेश अत्यंत असाधारण स्थिति में लाए जाते हैं जब संसद के सत्र को हो पाना नामुमकिन हो और तत्काल कदम उठाना जरूरी होता बुलाए जाते हैं अभी दसवें और ग्यारहवें दौर की बातचीत में सरकार इनको 1 या 2 साल के लिए स्थगित करने के लिए तैयार थी प्रधानमंत्री जिसे लागू नहीं करना ना करें की छूट देने की तैयार है इसका मतलब है कि यह कानून बहुत अति आवश्यक नहीं है तो फिर अध्यादेश क्यों लाया गया

💥घोटाला नंबर 2 है अध्यादेश का समय

जब कोरोनावायरस साडे चार से पांच करोड़ भारतवासी असहाय होकर भूखे प्यासे पैदल पैदल घर लौट रहे थे जब यह देश को रौनक की महामारी के बहुत खतरनाक दौर से गुजर रहा था जब पूरे देश की मानवता जिंदगी और मौत के बीच की लड़ाई लड़ रही थी तब ऐसी क्या असाधारण आवश्यकता थी कि कृषि कानूनों के तीन अध्यादेश लाए गए।

💥तीसरा बड़ा घोटाला है ठेका खेती का कानून

अंग्रेजों के जमाने की नील की खेती को छोड़ दें तो ताजी अनुभव क्या है उसके उत्तर प्रदेश बिहार के गन्ना किसानों की दुर्गति जाने भी दें तो अभी पंजाब और गुजरात के किसानों ने पेप्सीको के लिए जो आलू गाय थी उसका नतीजा क्या है अभी मध्य प्रदेश के होशंगाबाद और पिपरिया ऐसे आठ 10 जिलों में जो धान तथा बैतूल में मुनगा की ठेका खेती कराई गई थी उसकी हालत क्या है ठेका कंपनियों ने उन्हें महंगी कीमत पर बीज दिए महंगी कीमत पर खाद दिया कीटनाशक दिए बाद में कुछ से बहाने बनाकर उपज नहीं खरीदी और उन्हें लाखों के कर्ज में डुबो दिया ठेका क्षेत्र के तजुर्बे भारत में ही नहीं पूरी दुनिया में यह है कि अंततः किसान लूटता है उसकी जमीन उसके हाथ से जाती है यह केवल घोटाला नहीं यह गद्दारी है विश्वासघात है।

उन्होंने कहा कि कारपोरेट की खुद की अपनी सरकार तो झूठ बोलना बंद नहीं करेगी झूठों का एक ही प्रत्युत्तर हो सकता है और वह है यह है कि सच को गांव और बस्ती तक ले जाया जाए लड़ाई को और तेज किया जाए यह याद रखा जाए कि किसान अपने नहीं समूचे देश के लिए लड़ रहा है

💥बहोरीबंद में 26 जनवरी के दिन हुई ट्रैक्टर रैली को बताया प्रमुख

कहा कि 26 जनवरी के दिन निकली ट्रैक्टर परेड ने बहोरीबंद का नाम दिल्ली तक गूंज उठा और उन्होंने कहते कहते यह भी कहा कि जो पत्रकार सच्चाई दिखाते हैं उन्हें सरकार के दलों द्वारा गिरफ्तार किया जा रहा है क्षेत्रीय मीडिया का भी उन्होंने आभार व्यक्त किया और क्षेत्रीय किसानों का भी मने अभिवादन किया कि ऐसे ही साथ बनाए रखें और आगे की लड़ाई जारी रखें दिल्ली में किसान आंदोलन की सच्चाई यह मोदी की बिकी हुई गोदी मीडिया नहीं दिखा रही है जो आज भी दिल्ली आंदोलन में किसान बैठे हुए सड़कों में उन्होंने कहा कि बहोरीबंद मध्य प्रदेश में जिला कटनी एक ऐसा स्थान बन गया है 26 जनवरी ट्रैक्टर मार्च को लेकर और भी लोगों को इसमें संगठित होने की आवश्यकता है

💥15 तारीख को सिहोरा आएंगे किसान नेता राकेश टिकैत- संतोष राय

भारतीय किसान यूनियन जबलपुर के संभागीय अध्यक्ष संतोष राय ने जानकारी देते हुए बताया कि 15 तारीख को भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत जी सिहोरा कृषि उपज मंडी कार्यक्रम में शामिल होंगे जिसमें बहोरीबंद क्षेत्र के सभी किसानों से मेरा विनम्र अनुरोध है कि अपने अपने ट्रैक्टरों के साथ अपने अपने घरों से निकले और ज्यादा से ज्यादा संख्या में युवा एवं वरिष्ठ किसान गण पहुंचे और कार्यक्रम में शामिल हो उन्होंने हुंकार भरी थी सरकार को यह तीन कृषि कानून वापस करने होंगे लेने होंगे और किसानों की न्यूनतम समर्थन मूल्य की कीमत निर्धारित करनी होगी नहीं तो आंदोलन ऐसे ही चलता रहेगा या खत्म होने वाला नहीं है

किसान पंचायत खमतरा में शामिल हुए बादल सरोज जी संयुक्त सचिव किसान सभा रामनारायण कुरारिया किसान सभा के जिला संयोजक विजय पटेल आशा जी संतोष राय भारतीय किसान यूनियन राकेश लोधी ओबीसी संयुक्त किसान मोर्चा नारायण पटेल नन्ना मंच का संचालन कर रहे शंकर पटेल शिक्षक ताम सिंह भोपाल से आए हुए प्रमोद जी सीहोर जिले से आए हुए पत्रकार अवधेश यादव रामप्रसाद सुशील मोनू रजक पूरी कार्यक्रम की रूपरेखा बनाने में सहयोगी सीताराम लोधी प्रवीण यादव और खमतरा के सभी ग्रामवासियों की मौजूदगी रही किसान पंचायत में