आज पेश मध्यप्रदेश सरकार का बजट झूठ का पुलिंदा , दिशाहीन , निराशाजनक व सिर्फ़ आँकड़ो का मायाजाल।

Scn news india

मनोहर
उम्मीद थी कि इस बजट में पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतों से जनता को राहत प्रदान करने के लिये वैट में सरकार कमी करेगी , पंजीयन शुल्क में कमी होगी , कांग्रेस सरकार की किसान…क़र्ज़ माफ़ी योजना को आगे बढ़ाया जायेगा , रोज़गार के नये अवसर को लेकर ठोस कार्ययोजना होगी , बदहाल शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में ठोस कार्ययोजना होगी प्रदेश में बढ़ती बहन-बेटियों से दरिंदगी की घटनाओं को रोकने के लिये ठोस कार्ययोजना होगी…शासकीय कर्मचारियों के लिये डीए व डीआर देने की बात होगी ,कोरोना काल में ध्वस्त अर्थव्यवस्था को देखते हुए उद्योग-व्यवसाय को राहत प्रदान करने के लिये कारगर उपाय होंगे
लेकिन सब कुछ नदारद ?

आश्चर्यजनक है कि 15 वर्ष सत्ता में रहने वाली भाजपा सरकार आज भी हर घर में नल से पानी देने कीजल जीवन मिशन योजना की बात कर रही है , इंदौर- भोपाल मेट्रो ट्रेन के लिये अपर्याप्त राशि , एक तरफ़ सरकारी स्कूलों को बंद करने की तैयारी , वही 15 वर्ष बाद भी सर्व सुविधायुक्त स्कूल व स्कूलों के विकास के झूठे सपने , किसानी-खेती के लिये कुछ नहीं , युवाओ के लिये…रोज़गार के लिये कुछ नहीं ,एमएसएमई के लिये कुछ नहीं , प्रदेश में निवेश बढ़ाने को लेकर कोई कार्ययोजना नहीं , प्रति व्यक्ति घटी आय व विकास दर को बढ़ाने को लेकर कोई ठोस उपाय नहीं ?
पुरानी योजनाओं को ही वापस शामिल कर गुमराह करने का प्रयास इस बजट में किया गया है।
इस बजट में नया कुछ नहीं है, जनता की उम्मीदो के विपरीत है यह बजट।